24 October 2017 11:20 AM

Monthly Archives: May 2016

1 289

जैरोन निवासी कल्लू कुशवाहा ने पृथ्वीपुर में मकान बनाने के लिये एक प्लाट खरीदा था। प्लॉट पर कस्बे के कुछ दंबंग जबरन कब्जा करना चाह रहे है, बिरोध करने पर दबंगों ने कुशवाहा परिवार के लोगां पर दिखाई दबंगई,लाइसंसी बंदूकों से जमकर की फायरिंग, विरोध करने पर महिलाओं पर चलाई लाठिया, तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल। घायलों को इलाज के लिये जिला अस्पताल में किया गया भर्ती। जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट के संबंध में दोनां पक्षों के खिलाफ मामाल दर्ज कर जांच की जा रही है जांच के बाद जो तथ्य सामने आयेगे बैसी कार्यवाही की जायेगी।

1 320

बीड़ी में 85% स्वास्थ्य के लियें हानिकारक का लोबो लगाये जाने के विरोध में आज बीड़ी कारोबारियों ने सांसद निवास में सांसद राकेश सिंह से मुलाकात की। बीड़ी कारोबारियों ने केंद्र सरकार के नाम का ज्ञापन सांसद को सोंपा और मांग की है उससे 85% स्वास्थ्य के लियें हानिकारक का लोबो अलग किया जाये। उनका कहना था की सरकार 85% स्वास्थ्य के लियें हानिकारक का लोवो लगाती है तो उससे हमारा कारोबार बंद हो जयेगा। उन्होंने ने हटाने की मांग सांसद से की है।

3 282

घटना विजयनगर थाना क्षेत्र के मालवीय नगर की है। यहाँ कालोनी में एक बोरिंग है जिसमे से सभी लोग पानी भरते है। शनिवार रात कालोनी में रहने वाले अर्जुन के परिवार के लोग पानी भरने पहुचे थे तभी रितेश ने अर्जुन के साथ गाली गलौच कर विवाद किया। विवाद इतना बढ़ा की आरोपी रितेश ने पिस्टल से अर्जुन को धमकाया। जिसके बाद अर्जुन कालोनी के लोगो के साथ विजय नगर थाने पंहुचा ओर शिकायत दर्ज करवाई मामले में विजय नगर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। समय रहते एक डॉक्टरों की सूझबूझ के कारण कई लोगो की जान बच गई। क्योंकि ऑक्सीजन और नाइट्रस गैस को जांच का कोई तरिका नहीं था। तमाम अस्पतालो में इन दोनों गैस को पाइप के कलर से पहचाना जाता है।

0 0

पलासिया क्षेत्र में लगातार चोरी और नकबजनी की वारदातों को बदमाश बेखौफ होकर अंजाम दे रहे थे। इन वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियो ने आदेश दिए थे। जांच में जुटी पुलिस को सीसीटीवी कैमरे में एक छात्र बेग लेकर नजर आया था जिसकी तलाश के बाद शनिवार को पुलिस ने इस बदमाश को पकड़ने ने सफलता हासिल की। आरोपी का नाम नितिन उर्फ जीतू पिता नरेश मिश्रा निवासी इन्द्रपुरी किशनगंज महू है द्य आरोपी से 04 लेपटॉप, 02 एलईडी, 02 मोबाइल फोन बरामद हुए है द्य आरोपी ने 6 आफिसो में चोरी करना कबूल किया है। आरोपी बीकाम का छात्र है। और पहले भी चोरी के मामले में पकडा चुका है फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस को आरोपी से और भी कई खुलासो की उम्मीद है।

माहेश्वरी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के लिए लाई गईं महाराजपुरा थाने में पदस्थ रहे टीआई दीपक यादव की पत्नि रेणु की इलाज के दौरान मौत हो गई। रेणु के परिजन ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम में तोड़-फोड़ कर दी। परिजन का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से रेणु की मौत हुई है, मौत होने के दो घंटे बाद भी डॉक्टर रेणु के शव को पैसे ऐंठने के लिए वेंटीलेटर पर रखे रहे। महाराजपुरा थाने में पदस्थ रहे टीआई दीपक यादव की ड्यूटी सिंहस्थ में थी। उनकी पत्नि रेणु गर्भवती थी रेणु की छाती के पास फोड़ा था। उनका इलाज माहेश्वरी नर्सिंग होम के डॉक्टर कर रहे थे। रेणु के भाई ने बताया कि करीब पांच दिन पहले डॉक्टर ने रेणु को पांच दवाएं दी थीं। जब वे दवा लेने गए तो मेडिकल संचालक ने उन्हें छह दवाई दे दीं। इस पर डॉक्टरों ने मेडिकल संचालक की फटकार भी लगाई थी। शनिवार सुबह रेणु के भाई अनिल उनके फोड़े के ऑपरेशन के लिए नर्सिंग होम पहुंचे थे। ऑपरेशन के बाद जैसे ही रेणु को बाहर लाया गया तो उनके मुंह से झाग निकलने लगे। इसके बाद उन्हें उल्टी हुई और पानी सांस नली में चला गया। डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल अाईसीयू में शिफ्ट कर दिया। परिजन का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद ही शाम 7 बजे रेणु की मौत हो गई थी। लेकिन पैसा ऐंठने के चक्कर में रात 9 बजे तक डॉक्टर यही कहते रहे कि वे जिंदा हैं। जब परिजन ने दबाव बनाकर पूछा तो डॉक्टरों ने रेणु की मौत की बात स्वीकार की। घटना की खबर लगते ही देर रात पुलिस अधीक्षक हरिनारायण चारी मिश्रा भी नर्सिंग होम पहुंचे औऱ उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

राजधानी भोपाल में बिना नियमों के धड़ल्ले से चल रहे गर्ल्स हॉस्टल पर अब खासी नज़र जिला प्रषासन की रहेगी। कुछ दिन पहले जिला प्रषासन की टीम ने शहर के कई गर्ल्स हॉस्टल की जांच की थी जिसमें कई गर्ल्स हॉस्टल के मेन गेट पर सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हुए थे जहां कैमरे लगवाने की हिदायत संचालक को दी गई थी। इस मामलें में भोपाल कलेक्टर निषांत वरवड़े का कहना है कि गर्ल्स हॉस्टल में हेल्पलाइन नंबर चस्पा कराने सीसीटीवी कैमरे लगवाने और रजिस्टर मैनटेन करने के निर्देष दिए गए है। अगर कोई भी हॉस्टल संचालक इन नियमों का पालन नहीं करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाही की जाएगी।

पदोन्नति मे आरक्षण कि मांगो को लेकर अनूसुचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश स्तरीय इस प्रदर्शन मे प्रदेश सरकार का विरोध किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार जल्द से जल्द पदोन्नति आरक्षण अधिनियम 2002 मे संसोधित अधिनियम 2016 मे तबदील करें। साथ ही विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर इस प्रावधान को लागू करें। उन्होने बताया कि इन मांगो को लेकर आगामी समय मे जिला स्तर पर ज्ञापन देने के साथ आदोलन का दोर शुरु किया जाएगा। उन्होने कहा कि पदोन्नति मे आरक्षण प्रावधान के साथ सामान्य आरक्षण को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने कि मांग को लेकर आदोलन कि रुपरेखा भी तैयार कि जा रही है।

0 578

सरगुजा के लखनपुर थाना क्षेत्र के टूंडा गांव मे रेड नदी के किनारे एक अज्ञात बालक का शव मिला था। बालक के गर्दन और कलाई मे धारदार हथियार से हमले के निशान थे। शक के बिनाह पे पुलिस ने जांच शुरू की और और अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को घाटना के दो दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया था और इस नरबली का मुख्य आरोपी विफन घटना के बाद से ही फरार था जो अब पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। नरबली का शिकार 12 वर्षीय सूरज तीसरी क्लास मे पढता था। और वो अपने बुआ के यंहा से घर आने के लिए निकला था। तब से उसका कोई पता नही चल रहा था, जिसकी गुमशुदगी की शिकायत भी कोरबा जिले के लेमरु थाना मे दर्ज थी, लेकिन जब सरगुजा के लखनपुर में नदी के किनारे बालक का शव मिला तब लखनपुर पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझाने में ज़रा भी देर ना की, और एक के बाद एक गिरफ्तारियो के बाद मुख्य आरोपी भी सलाखों के पीछे है। रंग रूप से सामान्य दिहने वाला यह इंसान विफन इंसान नहीं बल्कि इंसान की शक्ल में वो भेड़िया है जिसने एक तेरह साल के बच्चे के बच्चे की जान ले ली। अंधविशवाश के दलदल में फसे हुए इस भेडिये को उस मासूम पर ज़रा भी तरस नहीं आया और खुद के जीवन के संकट दूर करने की फिराक में बच्चे की जान ले ली, लेकिन गलत रास्ते में चलकर कोई अपे जीवन को कैसे सही बना सकता है लिहाजा आज यह हत्यारा सलाखों के पीछे है।

दुर्ग केन्द्रीय जेल में एक कैदी ने आत्महत्या कर लिया है। वीरेंद्र वाल्मीकि नाम के कैदी ने आज जेल प्रहरी के कक्ष में रस्सी का फंदा बनाकर पंखे पर लटक गया और आत्महत्या कर लिया। कैदी के आत्महत्या करने के पीछे का कारण पता नहीं चल पाया है जिसकी जांच जेल प्रबंधन और पुलिस कर रही है। वीरेंद्र बाल्मीकि पिछले दस साल से रेप के मामले में सजा काट रहा था जो ६ माह बाद रिहा होने वाला था। रिहाई के पहले वीरेंद्र द्वारा आत्महत्या किया जाना कई सावालों को जन्म दे रहा है। वीरेंद्र राजनांदगाव के मानपुर मोहला का रहने वाला था। जिला दंडाधिकारी ने इस मामले कि दंडाधिकारी जांच के आदेश दे दिए है वहीँ पुलागाव थाना ने भी मर्ग कायम कर जाँच शुरू कर दिया है। इधर जेल प्रबंधन की माने तो मृतक कैदी पिछले एक साल से कार्यालय की साफ़ सफाई का काम करता था जो आज अचानक आत्महत्या कर लिया है। जेल प्रबंधन ने इस घटना को लेकर प्रताड़ना जैसी बातों से इनकार किया है फिलहाल जांच के बाद मामले में कुछ खुलासे होने की सम्भावना जताई जा रही है।

0 660

कवर्धा जिला अपना वनक्षेत्रों के लिए जाना जाता है और वन राजस्व में भी अच्छा योगदान रहा है लेकिन कवर्धा जिले को अलग पहचान दिलाने वाले जंगल का बहुत तेजी से सफाया हो रहा है। जिले के पण्डरिया क्षेत्र में लकडी तस्कर सक्रिय है वही वनअधिकार पट्टा पाने के लालच मे स्थानीय लोग भी रोड के किनारे के जंगल के पेडों को काटकर वन भूमि पर कब्जा कर रहे है, एैसा कर रोड के किनारे किमती भूमि का वन अधिकार पट्टा लेने का भी खेल काफी दिनों से चल रहा है। अब इलाके के संभ्रान्त लोग भी वनवासियों को पैसे का लालच देकर पेडों की कटाई करवा रहे है और वनभूमि पर कब्जा कर रहे है। पण्डरिया के अमनिया जंगल के पास कक्ष क्रमांक 451, 468 ,बिरझूनगर के जंगलों का बहुत ही बुरा हाल है, जहां पहले हरे भरे वन हुआ करते थे वहां लगातार तेजी से सैकडों पेडों को काटे जा रहे है जिसके चलते अब वहां जंगल बिल्कुल ही खत्म होने के कागार पर है। लकडी तस्कर और स्थानीय लोग अपने अपने फायदे के लिए इलाके के पेडों पर कुल्हाडी चला रहे है हरे भरे और पुराने वृक्षों को काट रहे है। वही पेडों पर आग लगा रहे, हजारों पेड को काट दिया गया है आग लगा दि गई है चारो ओर नजर घुमाकर देखने से अब वन में अब पेड कम ठूंठ ज्यादा दिखाई दे रहे है और रात होते हुए लकडी तस्कर काटे हुए पेडे की लकडी का तस्करी कर रहे है इतना कुछ होने के बावजूद वन अमला कुंभकरणीय नींद में सोया हुआ है। मानों कुछ हुआ ही नही है। इलाके के पर्यावरण प्रेमी और जागरूक लोगों की माने तो वनकर्मी इलाके में झांकने तक नही आते षिकायतों पर कभी आये भी तो अपनी आंख मुंद लेते है। इलाके मे लगातार वन की कटाई होने से वन्य प्राणियों के जीवन पर खतरा मण्डराने लगा है और अब धीरे धीरे वन्यप्राणियों की संख्या भी इलाके में पहले के तुलना में अल्प हो गया है। परिक्षेत्र का वन अमला इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे है।