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सरसों तेल अमेरिका-यूरोप में बैन क्‍यों? क्‍यों नहीं खाते लोग, जानें क‍िसमें पकाते हैं खाना

By: Sanjay Purohit | Created At: 15 December 2023 01:22 PM


अजब गजब दास्तां

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खाना पकाने की बात आए तो तेल के बहुत सारे विकल्पू हैं. सरसों का तेल, ऑलिव ऑयल, अलसी का तेल, कनोला ऑयल, नारियल तेल, मूंगफली का तेल, पामोलीन ऑयल और भी बहुत कुछ. लेकिन भारत समेत दुनिया के ज्यारदातर देशों में लोग सरसों का तेल खाना पकाने के लिए इस्तेेमाल करते हैं. इससे सबसे सुरक्षिलत विकल्पों में से एक माना जाता है.लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि अमेरिका में सरसों के तेल से खाना पकाने पर पाबंदी है. वहां लोग इस तेल का इस्ते माल नहीं कर सकते. तो फिर किस तेल में खाना पकाते हैं सरसों के तेल में तमाम औषधीय गुण होते हैं. यह एंटी बैक्टीरियल, एंटिफंगल और एंटीवायरल होता है. शरीर को टॉक्सिन से छुटकारा दिलाता है. दर्द और सूजन कम करता है. अगर किसी को जोड़ों में दर्द हो तो कपूर के साथ गर्म करके लगाने पर दर्द तेजी से दूर हो जाता है. सरसों का तेल हेल्दी बालों और स्ि केन के ल‍िए भी काफी फायदेमंद है. भारत के लगभग हर घर में यही तेल खाना पकाने के लिए इस्तेेमाल होता है. लेकिन अमेरिका में इस पर पाबंदी है.

इस वजह से लगाया गया प्रतिबन्ध

अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिन‍स्ट्रे शन ने सरसों के तेल को खाद्य तेल के रूप में इस्ते माल करने पर पाबंदी लगा रखी है. विभाग के मुताबिक, इस तेल में यूरिक एसिड की मात्रा काफी अधिक होती है. यह सेहत के लिए हानिकारक है. इसे अच्छी तरह से मेटाबोलाइज़ नहीं किया जाता. यह मस्तिष्क की कोशिकाओं के लिए अच्छा नहीं होता. याददाश्त को कम करता है और शरीर में वसा के जमाव को बढ़ाता है. अमेरिका के अलावा यूरोपीय यूनियन और कनाडा में भी खाना बनाने के लिए इसके इस्तेममाल पर रोक है.

फिर किसमें पकाया जाता खाना

अमेरिका में जितना भी सरसों का तेल बिकता है सभी डिब्बों में लिखा होता है एक्सटर्नल उस ओनली. इसका मतलब इसे सिर्फ शरीर के ऊपर उपयोग किया जा सकता है खाया नहीं जा सकता. अब आप सोच रहे होंगे कि फिर वहां खाना किस तेल में पकाया जाता होगा? तो बता दें कि अमेरिका और यूरोप के ज्याकदातर देशों में खाना पकाने के लिये सोयाबीन के तेल का इस्तेमाल किया जाता है. सोयाबीन के तेल में ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड होता है, जो कोलेजन को बढ़ावा देता है. इससे शरीर और त्वमचा में लचीलापन आता है. चेहरे की झुर्रियां कम होती हैं. यह मस्तिष्क के विकास में मददगार होता है. सोया तेल में प्रचुर मात्रा में विटामिन ई भी होता है जो कि स्वस्थ त्वचा व बालों के लिए जरूरी होता है.