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Spiritual

छठ महापर्व के तीसरे दिन 10 नवंबर को डूबते सूरज को अर्घ्य दिया जाएगा, सूर्य देव के 12 नामों का जाप करें तो सूर्य देव की तरह ही किस्मत चमक उठेगी

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  • सूर्यदेव की पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है
  • सूर्य को सुबह अर्घ्य देने से सेहत को भी बहुत लाभ मिलता
  • सूर्यास्त शाम 5 बजकर 3 मिनट पर होगा

 

छठ महापर्व के तीसरे दिन 10 नवंबर को डूबते सूरज को अर्घ्य दिया जाएगा। और इसके अगले दिन 11 नवंबर को उगते सूरज को अर्घ्य देने का साथ ये पर्व समाप्त हो जाएगा। इन दोनों दिनो में सूर्यदेव की पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। सूर्य पंचदेवो में से एक है। सूर्य को सुबह अर्घ्य देने से सेहत को भी बहुत लाभ मिलता है। ज्योतिष के अनुसार छठ के तीसरे दिन सूर्यास्त के वक्त अर्घ्य देने के बाद सूर्य देव के 12 नामों का जाप किया जाए तो सूर्य देव की तरह ही किस्मत चमक उठेगी

 

10 नवंबर को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 3 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 3 मिनट पर होगा। सूर्यास्त के साथ ही व्रती लोग सूर्य को अर्घ्य देना शुरु करेगें।

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सूर्यदेव के 12 नाम और इनका अर्थ

सूर्य
सूर्य देव का नाम का जाप करने से लाभ मिलता है। और सू्य का अर्थ है भ्रमण करने वाला।

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रवि
ब्रह्मांड की शुरुआत रविवार से हुई थी । और ज्योंतिष में रविवार का कारक ग्रह सूर्य को माना जाता है। इसलिए सूर्य का नाम रवि है।

 

आदित्य

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सूर्य भगवान अदिति और कश्यप की संतान माने गये है। आदित्य नाम उकी माता के नाम पर रखा गया है। और इसके अर्थ है कि जिस पर किसा भी बुराई का असर ना हो।

दिनकर
इस नाम का अर्थ है दिन करने वाला। सूर्य उदय के साथ ही दिन की शुरुआत होती है।

सप्तरथी
सूर्य सात घोंड़ो पर सवार होता है इसलिए इन्हें सप्तरथी कहा जाता है।

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रश्मिमतें
रश्मि का मतलब है किरणें और मते का अर्थ है पुंज। इस तरह इस नाम का अर्थ है हजारों किरणों का पुंज

भुवनेश्रर
सूर्य देव हरी पूरी पृथ्वी का संचालन करते है। इसलिए इन्हें धरती का राजा कहा जाता है।

सविता
सूर्य से प्रकाश उत्पन्न होता है। और सविता का अर्थ है उत्पन्न करने वाला ।

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प्रभाकर
प्रभाकर यानि सुबह करने वाला

दिवाकर
रात को समाप्त करके दिन की शुरुआत करने वाला यानि दिवाकर। इसलिए सूर्यदेव को दिवाकर कहते है।

आदिदेव
पूरा ब्रह्मांड सूर्य की वजह से ही है। इसलिए सूर्यको पृथ्वी का आदिदेव कहा जाता है ।

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भानू
तेज, सूर्य का तेज यानी प्रकाश सभी के लिए एक समान रहता है। इसी वजह से सूर्य को भानू कहा जाता है।

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