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Spiritual

तुलसी के पत्ते तोड़ते वक्त न करें ये भूल, घर आता है दुर्भाग्य

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  • तुलसी के पौधे का ना करें अपमान
  • नियमानुसार तोड़े तुलसी के पत्ते
  • पत्ते तोड़ते वक्त रखें कुछ बातों का ध्यान

 

हिन्दू धर्म में तुलसी का बहुत महत्व है, यही वजह है कि आपको लगभग हर घर में तुलसी का पौधा मिल ही जाएगा। लोग तुलसी की पूजा किसी तीर्थ स्थान की तरह करते हैं। बिना तुलसी के भगवान को भोग तक नहीं लगता है। सभी धार्मिक अनुष्ठानों से तुलसी का प्रयोग शुभ माना जाता है। हम सभी तुलसी के पत्तों को पूजा-पाठ, चाय आदि में इस्तेमाल करने के लिए तोड़ते हैं। लेकिन पुराणों में तुलसी के पत्ते तोड़ने के कुछ नियम हैं। जिन्हें न मानने से गलत प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं तुलसी के पत्तें तोड़ने के सही नियम क्या हैं….

 

दिन और समय का रखें ध्यान

तुलसी के पत्ते को तोड़ते वक्त दिन और समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एकादशी, रविवार, रात , चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण के दौरान तुलसी के पत्ते तोड़ना पाप माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इन दिनों तुलसी के पत्ते तोड़ने से पूजा का फल नहीं मिलता है। साथ ही रविवार को तुलसी पर जल चढ़ाने से दुर्भाग्य आता है।

बेवजह ना तोड़े तुलसी के पत्ते

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बिना किसी वजह के तुलसी के पत्ते तोड़ना पाप होता है। पुराणों के अनुसार इसे केवल धार्मिक और स्वास्थ्य कारणों की वजह से तोड़ना चाहिए। साथ ही बिना स्नान करे तुलसी के पत्तों को कभी नहीं छुना चाहिए। इसके अलावा तुलसी के पत्तें चबाने से भी बचना चाहिए। दरअसल इसमें मौजूद एसिड दांतों के लिए नुकसानदायक होता है। इसे पानी या चाय में डालकर पीना ज्यादा फायदेमंद है।

 

सूखी पत्तियों को ना फेंके

तुलसी के पत्ते गिरने के बाद कई बार गमले से नीचे गिर जाते हैं। ऐसे में इन पत्तों को फेंकना नहीं चाहिए, इसे पाप माना जाता है। जगह साफ करने के लिए इन पत्तों के लेकर तुलसी के पौधे की मिट्टी में ही डाल दें।

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