Connect with us

Chhattisgarh

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी भारी पड़ सकती है मासूम बच्चों के ऊपर

Published

on

रायगढ़। म्युनिसिपल स्कूल को बने हुए 7 दशक से 7 दशक से भी अधिक समय हो चुका है। आजादी से पहले बने इस स्कूल में सैकड़ो छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। लेकिन रोज इन छात्रों को इस बात का खतरा बना रहता है कि ना जाने कब जर्जर हो चुके स्कूल भवन का छज्जा या दीवार गिर जाए। क्योंकि पहले भी ऐसी घटना हो चुकी हैं।

इतिहास की टीचर बन चुकी हैं हादसे का शिकार

म्युनिसिपल स्कूल की इतिहास पढ़ाने वाली एक टीचर ऐसे ही हादसे का शिकार हो चुकी हैं। इस हादसे पर शिक्षिका के सिर पर कई टांके भी लगे थे। तब आनन फानन में स्कूल की मरम्मत करवाई गई थी परन्तु अभी कई सालों से मरम्मत के अभाव में स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। छतों के प्लास्टर उखड़ कर जमीन पर गिरने लगे हैं। स्कूल के कुछ कमरों में क्लास लगाना खतरे से खाली नही है। इसीलिए अब इस कमरे को वर्तमान में इस्तेमाल में नही लाया जा रहा है। जगह जगह सीलन और दीवारों में दरार साफ देखा जा सकता है। ऐसे में यहां पढ़ने वाले सैकड़ो छात्रों को जान जोखिम में डाल कर पढ़ने आना पड़ रहा है।

प्रशासन आंखे मूंदे कर रहा हादसा होने का इंतजार

प्रशासन और नेता भवन की मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लेकिन जब कोई हादसा हो जायेगा तो ये ही एक दूसरे पर ठीकरा फोड़न का काम करेंगे। प्रशासन और जनप्रतिनिधि अभी अपनी आंखे मूंदकर हादसा होने का इंतजार कर रहे हैं।  शिक्षा विभाग,महापौर के अनुसार इस स्कूल की मरम्मत के लिए वजट प्रयासरत है। म्युनिसिपल स्कूल की प्रभारी प्राचार्या ने बताया कि स्कूल भवन के जर्जर स्थित में होने की सूचना शिक्षा विभाग को दी जा चुकी है, अभी तक स्कूल भवन की मरम्मत ना हो पाने की वजह चाहे जो भी हो लेकिन यह बात तो साफ है कि शासन प्रशासन शिक्षा के क्षेत्र में जो बेहतर काम करने के दावे करते हैं, वह मात्र दिखावा है।

Advertisement

 

 

Share Post:
Advertisement

Copyright © 2021 Ind 24 News Channel. Website Design & Developed By Shreeji Infotek