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जानें ग्वालियर की शीतला माता जिनको डकैतों की देवी कहा जाता है

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  • ग्वालियर-चंबल डकैतों के लिए हमेशा चर्चा में रहा
  • रामबाबू से लेकर ददुआ तक खूखार डकैतों के केंद्र रहा
  • मंदिर की स्थापना सन 1969 में डाकुओं के द्वारा स्थापना की गई थी

ग्वालियर– पूरे देश में इस समय जहां देखों हर तरफ सिर्फ नवरात्रि के त्यौहार की धूम देखने को मिल रही हैं। इस समय पूरा देश सिर्फ मां की भक्ति में लीन नज़र आ रहा हैं देश से समस्त प्राचीन देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। देश के दिल मध्यप्रदेश में भी बहुत से अतिप्राचीन मंदिर देखने को मिल जायेंगे जिनकी अपनी -अपनी एक आस्था और परंपरा है। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर से रूबरू करने जा रहे है जहां खूखार डकैत अपनी जान-माल की रक्षा के लिए देवी मां के दर पर अपना शीश नवाते थे। मध्यप्रदेश के ग्वालियर का ये प्राचीन देवी माता का मंदिर कभी डकैतों की आस्था का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। डकैत पुलिस को खुली चुनौती दे कर इस मंदिर में घंटा चढ़ाते थे
और अपनी जीवन के अभय वरदान की मन्नत मांगते थे। कहाँ जाता हैं की इन डकैतों का अंत करने के लिए पुलिस ने माता की विशेष आराधना और एक घंटा भी चढ़ाया । शीतला माता का मंदिर ग्वालियर से महज 20 किलोमीटर दूर घने जंगल के बीचों बीच हैं। इस मंदिर की स्थापना सन 1969 में डाकुओं के द्वारा स्थापना की गई थी ।

80 से लेकर 90 तक का दशक डकैतों का आतंक

8 dreaded dacoits of independent India, in whose name the public or the police used to tremble

अब चाहे ग्वालियर-चंबल अंचल में डकैतों का खात्मा हो गया हो। लेकिन 80 से 90 के दशक में इन डाकुओं का सबसे ज्यादा प्रभाव होता था। उस समय ये खूखार डकैतों की क्षेत्र में एक तरफ़ा राज चलता था। ग्वालियर-चंबल की भौगोलिक स्थिति यहां के घने जंगल इन डाकुओं के लिए सबसे ज्यादा अनुकूल रहते थे। जितने भी डकैत हुए सभी देवी माँ के बहुत बड़े भक्त थे। और सभी डाकू इस मंदिर में माता के दर पर अपना शीश टेकने जरुर आते थे। क्षेत्र के वह खूखार डकैत मलखान सिंह, माधो सिंह, दयाराम,रामबाबू गडरिया गैंग भी शामिल हैं। जिनका नाम सुनते ही लोग कांपने लग जाते थे। इन डाकुओं का आतंक मध्यप्रदेश के साथ-साथ उत्तरप्रदेश से लेकर राजस्थान तक था।

शीतला माता से पुलिस ने मांगी मुराद

Navratri 2021 Sheetla Mata Temple of Gwalior which is known as the temple of dacoits mpsg - Navratri 2021 : ग्वालियर का शीतला माता मंदिर जहां डकैत चढ़ाते थे घंटा, फिर पुलिस

रिटायर्ट पुलिस अफसर अशोक भदौरिया ने बताया की यह शीतला देवी मंदिर डाकुओं की आस्था का सबसे बड़ा आस्था का केंद्र था। इस मंदिर में दयाराम, रामबाबू गडरिया गैंग के सदस्यों ने मंदिर में घंटा चढ़ाया था। ये डाकू माँ के अपने जीवन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए देवी के यहाँ आते रहते थे। जब पुलिस को इस चमत्कारी मंदिर के बारे में जानकारी मिली तो पुलिस ने माता की विशेष पूजा अर्चना की और इन डाकुओं के खात्मे की प्राथना की अगर इन डकैतों का खात्मा हो जाता हैं तो पुलिस डकैतों से कहीं ज्यादा बजन का घंटा मां के दर पर चढ़ायेगी। इसके बाद इन डकैतों का पुलिस के हाथों खात्मा हो गया । पुलिस अफसर अशोक का मानना है की यह मंदिर डकैतों की आस्था का बड़ा केंद्र रहा हैं। क्योंकि मंदिर के आसपास घना जंगल होने के कारण यह क्षेत्र डकैतों की पनाहगार रहा हैं। आज भी यह मंदिर लोगों को आस्था का बड़ा केंद्र हैं ।

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