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अतिथि शिक्षकों को सीएम शिवराज की सौगात, मानदेय दोगुना, शिक्षक भर्ती में 50 फीसदी आरक्षण

By: Ramakant Shukla | Created At: 02 September 2023 02:32 PM


अतिथि शिक्षक महापंचायत का आयोजन शनिवार को राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश भर के 10 हजार अतिथि शिक्षक शामिल हुए। प्रत्येक जिले से 50 अतिथि शिक्षक को बुलाया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लाल परेड ग्राउंड पहुंचे और कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

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अतिथि शिक्षक महापंचायत का आयोजन शनिवार को राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश भर के 10 हजार अतिथि शिक्षक शामिल हुए। प्रत्येक जिले से 50 अतिथि शिक्षक को बुलाया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लाल परेड ग्राउंड पहुंचे और कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

अतिथि शिक्षकों से सालभर के लिए होगा अनुबंध

सीएम शिवराज ने पंचायत में अतिथि शिक्षकों को कई सौगातें दी। सीएम शिवराज ने कहा कि अतिथि शिक्षकों से कहा कि अब आपको पीरियड के हिसाब से नहीं महीने के हिसाब से मानदेय देने की व्यवस्था होगी। साथ ही सीएम ने अतिथि शिक्षकों का मानदेय भी दोगुना तक बढ़ाने का ऐलान किया। अब वर्ग-01 के अतिथि शिक्षक को 9000 रुपये के बजाय 18000 रुपये, वर्ग-02 के अतिथि शिक्षकों को 07 हजार के बजाय 14 हजार और वर्ग-03 को 5000 रुपये से बढ़कर 10000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। सीएम ने यह भी कहा कि अब अतिथि शिक्षकों से महीनों के लिए नहीं, बल्कि साल भर के लिए अनुबंध होगा।

शिक्षक भर्ती में 50 फीसदी आरक्षण, बोनस अंक भी मिलेंगे

सीएम ने यह घोषणा भी की कि अतिथि शिक्षकों को अब शिक्षकों की भर्ती में 25 के बजाय 50 फीसदी आरक्षण मिलेगा। यह व्यवस्था अगली शिक्षक भर्ती से ही लागू की जाएगी। अतिथि शिक्षकों को उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार प्रतिवर्ष 04 और अधिकतम 20 अंक बोनस के रूप में दिए जाएंगे, ताकि उनका अधिकतम चयन हो सके।

अतिथि शिक्षकों के योगदान को सराहा

इससे पहले सीएम शिवराज ने कहा कि पिछली सरकार ने शिक्षा व्यवस्था ठीक करने के लिए कभी भी ठोस कदम नहीं उठाए थे। अधकुचरी शिक्षा व्यवस्था हो गई। गुरुजी, शिक्षाकर्मी और बाद में अतिथि शिक्षक। और इनकी जिंदगी अगर देखें तो ऐसे अनिश्चितता के भंवर में फंस गई थी कि इतने सालों तक पढ़ाने के बाद करें तो क्या करें। सीएम शिवराज ने अतिथि शिक्षकों के योगदान को सराहते हुए कहा कि जब नियमित शिक्षक नहीं थे, तो आपको अतिथि शिक्षक के रूप में पढ़ाने का दायित्व सौंपा गया। आप वो हैं, जिन्होंने शिक्षा की गाड़ी को आगे बढ़ाया। बच्चों को आप गांव-गांव में पढ़ाते रहे। मैं आपको इसके लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं।