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एम्स में IVF ट्रीटमेंट से गूंजेगी बच्चों की किलकारी, प्रदेश में पहली बार सरकारी अस्पताल में ऐसी सुविधा

By: Sanjay Purohit | Created At: 24 June 2024 08:32 AM


भोपाल स्थित एम्स में आईवीएफ ट्रीटमेंट शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिससे निःसंतान दंपतियों को संतान का सुख मिल सकेगा

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राजधानी भोपाल स्थित एम्स लगातार मरीज की सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। अब एम्स अस्पताल में जल्द ही आईवीएफ की सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के लिए बता दें कि एम्स भोपाल प्रदेश का ऐसा पहला अस्पताल होगा, जहां किसी सरकारी अस्पताल में आईवीएफ ट्रीटमेंट शुरू किया जाएगा।

आधुनिक डिजिटल और एआई तकनीक पर है आधारित

एम्स भोपाल के डायरेक्टर ने बताया कि एम्स में आईवीएफ उपचार सुविधा बहुत जल्द शुरू होने की उम्मीद है। यह राज्य में आईवीएफ उपचार प्रदान करने वाली पहली सरकारी सुविधा बन जाएगी। आईवीएफ स्किल लैब कई उच्च-निष्ठा डिजिटल सिमुलेटर के साथ एक प्रशिक्षण सुविधा है, जो डॉक्टरों को आईवीएफ प्रशिक्षण के हिस्से के रूप में बांझपन उपचार और आईवीएफ के लिए आवश्यक विभिन्न प्रक्रियाओं, जैसे हिस्टेरोस्कोपी, डिंब पिक-अप और भ्रूण स्थानांतरण का अभ्यास करने में सक्षम बनाती है। ये सिमुलेटर आधुनिक डिजिटल और एआई तकनीक पर आधारित हैं

जानें क्या होता है आईवीएफ ट्रीटमेंट

आज के समय में, खान-पान से लेकर रहन-सहन तक, सभी चीजें बदल गई हैं। लोगों के जीवन जीने का तरीका पूरी तरह से बदल गया है। इसका असर महिलाओं के प्रेग्नेंसी पर भी पड़ता है। इन सब के कारण महिलाओं को कंसीव करने में भी दिक्कतें आती हैं। यदि कंसीव हो भी जाए तो मिसकैरेज जैसी समस्याएं हो जाती हैं या प्रेग्नेंसी सफलता पूर्वक नहीं हो पाती है। ऐसे समस्याओं से ही निजात पाने के लिए आईवीएफ ट्रीटमेंट किया जाता है। आईवीएफ को इन विट्रो फर्टीलाइजेशन के नाम से भी जाना जाता है। जब महिला का शरीर ऐग को फर्टिलाइज करने में सक्षम नहीं होता है, तो उसे लैब में फर्टिलाइज कराया जाता है।