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परीक्षा केंद्रों में केंद्राध्यक्ष भी नहीं रख सकेंगे मोबाइल

By: Ramakant Shukla | Created At: 03 February 2024 03:10 PM


मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोड) की 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं 05 व 06 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस बार इन परीक्षाओं के दौरान मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा केंद्र के अंदर किसी को भी मोबाइल ले जाने की छूट नहीं होगी। यहां तक कि केंद्राध्यक्ष भी अपने पास मोबाइल नहीं रख सकेंगे। यदि किसी के पास मोबाइल पाया गया तो 10 साल की सजा होगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की ओर से 10वीं व 12वीं के प्रश्नपत्र बहुप्रसारित होने से बचाने के लिए इस बार काफी सख्ती बरती जा रही है।

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मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोड) की 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं 05 व 06 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस बार इन परीक्षाओं के दौरान मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा केंद्र के अंदर किसी को भी मोबाइल ले जाने की छूट नहीं होगी। यहां तक कि केंद्राध्यक्ष भी अपने पास मोबाइल नहीं रख सकेंगे। यदि किसी के पास मोबाइल पाया गया तो 10 साल की सजा होगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की ओर से 10वीं व 12वीं के प्रश्नपत्र बहुप्रसारित होने से बचाने के लिए इस बार काफी सख्ती बरती जा रही है।

बाहर ही जमा करने होंगे मोबाइल

केंद्रों के बाहर लोहे की पेटी रखी जाएगी। इसमें मोबाइल को जमा करना होगा। परीक्षा केंद्रों से माशिमं को सूचना देने या परीक्षा की निगरानी करने के लिए मोबाइल के बदले वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसमें लैंडलाइन फोन के उपयोग के साथ-साथ पोर्टल तैयार किया गया है, ताकि परीक्षा केंद्रों से सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। इसमें ईमेल के माध्यम से मंडल की पूरी कंट्रोलिंग होगी। साथ ही ऑफलाइन प्रक्रिया को बंद कर ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बता दें, कि 10वीं व 12वीं के 16 विषयों के प्रश्नपत्र पिछले साल मोबाइल के उपयोग से बहुप्रसारित हो गए थे। इस कारण मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा। इस साल बोर्ड परीक्षा में करीब 17 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। मंडल के अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल बोर्ड परीक्षा का प्रश्नपत्र बहुप्रसारित होने के कारणों की जांच करने पर मोबाइल को सबसे बड़ा कारण माना गया। पुलिस थाना से प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष तक पहुंचने के दौरान मोबाइल से फोटो खींचकर इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित किया गया था। हालांकि पहले भी मोबाइल परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने के लिए प्रतिबंधित था, लेकिन फिर भी केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक और स्टाफ लेकर जाते थे। बस विद्यार्थियों के लिए सख्ती बरती जाती थी।

मंडल में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा

मंडल में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यहां पर हर जिले का प्रभारी बनाया जाएगा। सभी प्रभारी अपने-अपने जिले की निगरानी करेंगे। इस बार परीक्षा केंद्रों की किसी भी तरह की सूचना मंडल को जल्द मिलेगी।