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राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को झटका देने वाले 6 बागी विधायकों ने छोड़ी पार्टी, BJP में हुए शामिल

By: Ramakant Shukla | Created At: 23 March 2024 03:31 PM


हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के सभी 6 बागी विधायक और तीन निर्दलीय विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। सुधीर शर्मा, रवि ठाकुर,राजेंद्र सिंह राणा, चैतन्य शर्मा, देवेंदर भुट्टो और इंदर दत्त लखनपाल और निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर, होशियार सिंह और आशीष शर्मा ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। इन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद कुल 68 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस के पास अब घटकर 34 सीटें हो चुकी हैं। वहीं, बीजेपी की संख्या नहीं बढ़ेगी क्योंकि 6 बागी विधायकों को स्पीकर ने निलंबित कर दिया था और 3 निर्दलीय विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है।

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हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के सभी 6 बागी विधायक और तीन निर्दलीय विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। सुधीर शर्मा, रवि ठाकुर,राजेंद्र सिंह राणा, चैतन्य शर्मा, देवेंदर भुट्टो और इंदर दत्त लखनपाल और निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर, होशियार सिंह और आशीष शर्मा ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। इन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद कुल 68 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस के पास अब घटकर 34 सीटें हो चुकी हैं। वहीं, बीजेपी की संख्या नहीं बढ़ेगी क्योंकि 6 बागी विधायकों को स्पीकर ने निलंबित कर दिया था और 3 निर्दलीय विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। हिमाचल प्रदेश के स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने राज्यसभा चुनाव में बगावत करने वाले इन 6 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। उन्होंने कहा था कि दल-बदल कानून के तहत 6 माननीय विधायकों के खिलाफ शिकायत विधायक और मंत्री हर्ष वर्धन के माध्यम से हमारे सचिवालय को मिली, जिसके बाद उन्होंने दोनों पक्षों को सुना और अपना फैसला सुनाया। निलंबित किए गए विधायकों ने व्हिप का उल्लंघन किया था।

हिमाचल में अब आगे क्या?

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के पास 40 विधायक थे। 68 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़ा 35 का था। 6 विधायकों की बगावत के बाद कांग्रेस नंबरगेम में 40 से 34 पर आ गई, जो बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़े से एक कम है। लेकिन बागी विधायकों के सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जाने के बाद विधानसभा स्ट्रेंथ अब 62 हो गई है। ऐसे में बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़ा अब 32 हो गया है. तो मौजूदा वक्त में विधानसभा में कांग्रेस ही आगे है।

राज्यसभा चुनाव में कैसे हुआ था खेला?

हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव था. इसे जीतने के लिए 35 विधायकों के वोट की जरूरत थी. कांग्रेस के पास 40 विधायक थे, इसलिए पार्टी के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी की जीत लगभग तय मानी जा रही थी. बीजेपी के यहां 25 विधायक हैं और उसके पास 10 वोट कम थे, फिर भी पार्टी ने हर्ष महाजन को उम्मीदवार बना दिया था. जब चुनाव हुए तो कांग्रेस के 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी. तीन निर्दलीय विधायकों ने भी बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन में वोट कर दिया. इससे बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवार को 34-34 वोट मिले. आखिरकार पर्ची के जरिए फैसला किया गया, जिसमें बीजेपी के हर्ष महाजन की जीत हुई।