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नीतीश कुमार के झटके से राज्यों में 'छोटा भाई' बनने को मजबूर कांग्रेस

By: Sanjay Purohit | Created At: 29 January 2024 01:46 PM


बिहार में चल रहे सियासी उठापटक के बीच कांग्रेस ने यूपी में 11 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। बंगाल, पंजाब और बिहार में क्षेत्रीय दलों के दबाव के बाद कांग्रेस क्षेत्रीय दलों के सामने छोटे भाई की भूमिका अदा करने को मजबूर हो गई है।

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बिहार में चल रहे सियासी उठापटक के बीच आनन-फानन में कांग्रेस ने यूपी में सपा से समझौते में 11 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। सियासी जानकर बताते हैं कि बंगाल, पंजाब और बिहार में क्षेत्रीय दलों के दबाव के बाद कांग्रेस क्षेत्रीय दलों के सामने छोटे भाई की भूमिका अदा करने को मजबूर हो गई है। राजनीतिक जानकर बताते हैं कि इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियां पंजाब, बंगाल और हरियाणा में अलग अलग चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद बिहार में नीतीश कुमार के घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन की औपचारिक घोषणा कर दी और सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया। कांग्रेस के एक बड़े नेता का कहना है कि कांग्रेस बड़ी पुरानी पार्टी है। उसे इंडिया गठबंधन में निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए। अगर पार्टी महज 11 सीटों पर चुनाव लड़ती है। तो कार्यकर्ताओं का क्या होगा क्योंकि चुनाव के पहले पार्टी की तरफ से दावा किया गया था कि हमारी पार्टी सभी जिलों में मजबूत है। पार्टी को कम से कम आधी सीटों पर चुनाव तो लड़ना ही चाहिए। कांग्रेस की भूमिका बड़े भाई की तरह होनी चाहिए। क्योंकि हम राष्ट्रीय पार्टी हैं।

अलग चुनाव लड़ने के ऐलान से इंडिया गठबंधन पर प्रश्न चिन्ह

इंडिया गठबंधन में पंजाब, बंगाल और हरियाणा में अलग अलग चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद इसका असर निश्चित तौर पर यूपी में पड़ेगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शायद जल्दबाजी में 11 सीटों पर निर्णय लिया गया, हालांकि अभी यह तय नहीं है कि कांग्रेस कुल कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यह तस्वीर कांग्रेस के नेता ही तय करेंगे जो कि अभी बोलने से बच रहे हैं।