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कभी खिल रही धूप, कभी घना कोहरा, आखिर दिल्ली समेत उत्तर भारत में मौसम कैसा हो गया

By: Sanjay Purohit | Created At: 30 January 2024 03:11 PM


दिल्ली समेत उत्तर भारत में पिछले काफी दिनों से मौसम लगातार रंग बदल रहा है। कभी घना कोहरा रह रहा है तो कभी तेज धूप खिल रही है।

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30 जनवरी को दिल्ली-एनसीआर में सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। कोहरे की वजह से सड़कों पर गाड़ियां कुछए की तरह रेंग रही थीं। कोहरे की वजह से ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। हवाई यातायात भी बुरी तरह प्रभावित है। हालत ये रही कि 11 बजे के करीब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे, तब भी वीडियो और तस्वीरों में घना कोहरा दिख रहा था। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में कोहरे के इस दौर को एक महीने से भी ज्यादा वक्त हो चुका है। दिल्ली-एनसीआर या उत्तर भारत ही क्यों लाहौर से लेकर ढाका तक पिछले एक महीने से ज्यादा वक्त से यही हाल है। ये कोहरे वाले दिनों का अबतक का सबसे लंबा दौर है

कोहरा फिर धूप, कोहरा फिर धूप, क्यों?

वैसे जाड़े के दिनों में आम तौर पर जब दिन की शुरुआत घने कोहरे से होती है तो कहा जाता है कि आने वाले दिन तेज धूप वाले होंगे। इसी तरह, पूस और माघ में किसी दिन चटख धूप खिलती हैं तो माना जाता है कि अगले दिन काफी कोहरा दिखेगा। हालांकि, इसमें धूप-कोहरे की आंख मिचौली ऐसे चलती थी कि सुबह-सुबह घना कोहरा हो, दोपहर या उसके बाद वह छंट जाए और धूप खिल जाए। फिर अगली सुबह भी कोहरे से शुरुआत हो और फिर दोपहर तक या उसके बाद कोहरा छंट जाए और धूप खिल जाए। लेकिन अभी जो मौसम की आंख मिचौली चल रही है वह ऐसे है कि एक दिन अगर घना कोहरा है तो अगले दिन सुबह कोहरा नदारद है और चटख धूप खिली हुई है। लेकिन उसके अगले दिन फिर घना कोहरा दस्तक दे जाता है। आखिर ऐसा क्यों है? इसकी एक वजह कोहरे की लंबवत गति हो सकती है यानी ऊपर और नीचे की गति। वर्टिकल मूवमेंट। ऐसे कोहरे को 'अपलिफ्टेड फॉग' कहा जाता है। इसमें कोहरा एक बार उठता है फिर नीचे गिरता है। दिन के वक्त कोहरा या लो-क्लाउड कवर ऊपर की ओर चला जाता है। वहीं रात में या सुबह-सुबह के घंटों में कोहरा नीचे जमीन की तरफ उतर जाता है। अपलिफ्टेड फॉग वाले दौर में कभी पूरे दिन घना कोहरा तो अगले ही दिन तेज धूप देखने को मिल सकता है।

क्यों चल रहा कहरे का इतना लंबा दौर?

कोहरे के इस लंबे दौर की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसकी वजह से उत्तर भारत में इस साल की जनवरी काफी ठंडी रही है। हिमालय के पहाड़ों में घने कोहरे और कम ऊंचाई वाले बादलों से लेकर बंगाल की खाड़ी तक गंगा के मैदान वाले समूचे इलाके में घना हरा छाया हुआ है। कोहरे के इस लंबे दौर के लिए एक्सपर्ट सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की नामौजूदगी को बता रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऊपरी वातावरण में अत्यधिक नमी और पश्चिमी विक्षोभ की नामौजूदगी की वजह से कोहरा लंबे समय तक चल रहा। ठंड के इस सीजन में ऐक्टिव वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बहुत ही कम रही हैं।