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राष्ट्रपति ने अभिभाषण में किया इमरजेंसी और पेपर लीक का जिक्र, पढ़िए बड़ी बातें

By: Ramakant Shukla | Created At: 27 June 2024 10:20 AM


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और बताया कि अगले पांच साल में सरकार का फोकस कहां रहेगा।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और बताया कि अगले पांच साल में सरकार का फोकस कहां रहेगा। अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने इमरजेंसी का जिक्र भी किया। कहा- इमरजेंसी संविधान पर सबसे बड़ा हमला था और 1975 में पूरे देश में हाहाकार की स्थिति थी। इस दौरान विपक्ष ने हंगामा भी किया। वहीं, राष्ट्रपति के संबोधन में पेपर लीक का भी जिक्र हुआ। उन्होंने बताया कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और सख्त कानून भी लाया जा रहा है।

राष्ट्रपति के संबोधन की बड़ी बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, ये दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव था। करीब 64 करोड़ मतदाताओं ने उत्साह और उमंग के साथ अपना कर्तव्य निभाया है। इस बार भी महिलाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया। इस चुनाव की बहुत सुखद तस्वीर जम्मू-कश्मीर से भी सामने आई है। कश्मीर घाटी में वोटिंग के अनेक दशकों के रिकॉर्ड टूटे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, मेरी सरकार अर्थव्यवस्था के तीनों स्तंभों - विनिर्माण, सेवाएं और कृषि को बराबर महत्व दे रही है। बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के संकल्प ने आज भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना दिया है।

खेती और किसानी पर रहेगा विशेष जोर

राष्ट्रपति ने कहा, सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देश के किसानों को 3 लाख 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदान की है।

सरकार के नए कार्यकाल की शुरुआत से अब तक 20,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों को हस्तांतरित की जा चुकी है।

सरकार ने खरीफ फसलों के लिए MSP में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।

दुनिया में जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारतीय किसानों के पास इस मांग को पूरा करने की पूरी क्षमता है।

सरकार प्राकृतिक खेती और इससे जुड़े उत्पादों की सप्लाई चेन को सशक्त कर रही है।