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भारत का सबसे खास ट्रैकिंग स्पॉट है एमपी का बुदनी घाट

By: Sanjay Purohit | Created At: 23 June 2024 07:42 AM


मानसून सीजन है और आप पिकनिक के साथ ट्रैकिंग के मूड में हैं, तो राजधानी भोपाल में आपका स्वागत है। यहां लोग पिकनिक स्पॉट के साथ ही ट्रैकिंग से रोमांच की तलाश में निकल पड़ते हैं।

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मानसून आते ही राजधानी और उसके आसपास सैकड़ों सैलानी पिकनिक स्पॉट की ओर रुख करते हैं। इनसे अलग राजधानी में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो रोमांच के लिए दुर्गम पहाड़ों की तलाश में रहते हैं। भोपाल से 65 किलोमीटर दूर स्थित है बुदनी घाट। यह ऐसा इलाका है जिसके रोमांच का मजा लेने के लिए भोपालवासी ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश समेत देश के कोने-कोने से लोग यहां आते हैं।सर्पिलाकार और देश के सबसे दुर्गम रास्तों से गुजरने का रोमांच आपको जोश से भर देगा। एक मासूम बच्चे की तरह अठखेलियां करते आप दूर-दूर तक पसरी हरियाली आपको नि:शब्द कर देती है । वहीं कदम-कदम पर वन्य जीवों का खतरा होने का अहसास भी आपके ट्रैकिंग के मजे को दोगुना कर देता है।

बुदनी के जंगलों से शुरू होता है ट्रैकिंग का सफर

बुदनी के जंगलों में स्थित मिडघाट सेक्शन से ये दल ट्रैकिंग का सफर शुरू करता है। दरअसल यही वो स्थान है जहां सैलानियों को ट्रैकिंग और जंगल के नियमों से जुड़ी जानकारी दी जाती है, ताकि दुर्गम पहाड़ों में रोमांच का सफर उनके लिए आसान हो जाए। वहीं यहां सभी से पर्यावरण को शुद्ध रखने की हिदायत देकर दल को ट्रैकिंग के लिए रवाना किया जाता है।

कदम-कदम पर सांपों का खतरा

बुदनी के जंगल में लाखों जहरीलें सांप हैं, ऐसे में इन रास्तों पर अकेले नहीं जाया जा सकता। दल में विशेष रूप से अनुभवी ट्रैकर्स और डाक्टर्स के दल फर्स्ट एड किट लेकर ही जंगल में सैलानियों के बीच रहते हैं। जानकारों का कहना है कि ये दुर्गम पहाड़ ऐसे हैं जहां बरसों से कोई आता-जाता नहीं है। वहीं नेचर के करीब जंगली इलाकों में कदम-कदम पर सांप और बिच्छु के होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में अलर्ट रहना बेहद जरूरी होता है।

दूर-दूर तक हरियाली जीत लेती है मन

बड़ी-बड़ी चट्टानों को फतह कर जब दल के सदस्य पहाड़ की 800 फीट ऊंची चोटी पर पहुंचते हैं और मीलों दूर तक फैली हरियाली देखते हैं, तो ये पल बेहद खूबसूरत महसूस कराते हैं। मन शांत और प्रफुल्लित हो जाता है। कुदरत के खूबसूरत नजारे कैमरे में कैद करते लोग नहीं थकते।