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बंद हो जाएगी सरकारी कंपनी MTNL, सारा कामकाज BSNL को सौंपने की तैयारी

By: Sanjay Purohit | Created At: 10 July 2024 11:40 AM


सरकारी टेलिकॉम कंपनी महानगर टेलीफोन निगम अब कुछ दिन की मेहमान रह गई है। सरकार 30,000 करोड़ रुपए के ऋण पुनर्गठन को अंतिम रूप देने के करीब है। इसके बाद एमटीएनएल के पूरा कामकाज भारत संचार निगम को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

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सरकारी टेलिकॉम कंपनी महानगर टेलीफोन निगम अब कुछ दिन की मेहमान रह गई है। सरकार 30,000 करोड़ रुपए के ऋण पुनर्गठन को अंतिम रूप देने के करीब है। इसके बाद एमटीएनएल के पूरा कामकाज भारत संचार निगम को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक कंपनी को आधिकारिक रूप से बंद करने का निर्णय अभी नहीं लिया गया है लेकिन इतना तय है कि इसका स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होगा। अभी राजधानी दिल्ली और मुंबई में अपनी सेवाएं दे रही हैं जबकि बाकी देश में बीएसएनएल सेवा दे रही है। 4जी और 5जी सेवाओं की कमी के कारण बीएसएनएल और एमटीएनएल निजी टेलिकॉम कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में नहीं हैं।

निजी कंपनियों से पिछड़ीं

2022 में, कैबिनेट ने दोनों दूरसंचार कंपनियों के ऋण का पुनर्गठन करने का फैसला किया। योजना यह थी कि इन कंपनियों को दीर्घकालिक ऋण जुटाने और अपने ऋण का पुनर्गठन करने की अनुमति देने के लिए सॉवरेन गारंटी प्रदान की जाए। दोनों सरकारी कंपनियां 4जी और 5जी की होड़ में पिछड़ गई हैं। इस कारण वे रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी प्राइवेट कंपनियों से मुकाबला नहीं कर पा रही हैं। लेटेस्ट टेलिकॉम टेक्नीक की कमी के कारण दोनों कंपनियां हर महीने ग्राहक खो रही हैं।