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Chandigarh Mayor चुनाव पर SC का बयान- 'यह लोकतंत्र की हत्या और भद्दा मजाक है, जिसकी किसी को अनुमति नहीं'

By: payal trivedi | Created At: 05 February 2024 05:26 PM


चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चुनाव अधिकारी अनिल मसीह को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा- यह स्पष्ट है कि उन्होंने बैलट पेपरों को डिफेस्ड (विरूपित) किया।

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Chandigarh: चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चुनाव अधिकारी अनिल मसीह को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा- यह स्पष्ट है कि उन्होंने बैलट पेपरों को डिफेस्ड (विरूपित) किया। क्या वह इसी तरह चुनाव आयोजित करते हैं? यह लोकतंत्र का मजाक है। यह लोकतंत्र की हत्या है। इस अफसर पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मेयर चुनाव के पूरे रिकॉर्ड को जब्त कर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल के पास रखा जाए। बैलट पेपर और वीडियोग्राफी को संभालकर रखा जाए। इसके साथ कोर्ट ने निर्देश दिया कि चंडीगढ़ निगम की आगामी बैठक स्थगित रहेगी।

चुनाव अधिकारी पर लगाया था ये आरोप

I.N.D.I.A यानी AAP-कांग्रेस के संयुक्त कैंडिडेट कुलदीप कुमार ने यह याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने भाजपा के नए चुने मेयर मनोज सोनकर को हटाकर दोबारा चुनाव की मांग की गई है। याचिका में दलील दी गई कि चुनाव अधिकारी अनिल मसीह ने वोटों की गिनती में हेराफेरी की है। उनकी तरफ से कांग्रेस नेता और सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी दलीलें रखीं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, चंडीगढ़ मेयर चुनाव में एक सांसद और 35 पार्षदों को मिलाकर 36 वोट थे। इनमें 14 भाजपा पार्षद, एक भाजपा सांसद किरण खेर, 1 अकाली दल और बाकी 20 वोट आप और कांग्रेस पार्षदों के थे। सभी ने वोटिंग की। चुनाव अधिकारी ने काउंटिंग के बाद कहा कि भाजपा को 16 वोट मिले। वहीं, आप-कांग्रेस के उम्मीदवार को 12 वोट मिले हैं, जबकि 8 वोट इनवैलिड पाए गए।

मनोज सोनकर ने भी फाइल की कैविएट

भाजपा के नए चुने मेयर मनोज सोनकर ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है। जिसमें कहा है कि कुलदीप की याचिका पर कोई फैसला लेने से पहले उनकी बात भी सुनी जाए। उनकी तरफ से पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी भारद्वाज दलीलें रखेंगी।

हाईकोर्ट में भी लगाई थी याचिका, नहीं मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट में जाने से पहले कुलदीप कुमार की तरफ से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। इस पर सुनवाई के दौरान उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसमें जस्टिस सुधीर सिंह और हर्ष बांगर की खंडपीठ ने आप की तरफ से चुनाव को स्टे करने की मांग पर इनकार कर दिया था।वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी कर इस पर तीन हफ्ते में जवाब मांगा गया था। वहीं, कुलदीप कुमार की तरफ से इस मामले में जल्द से जल्द सुनवाई करने की मांग की गई थी। लेकिन, फिर भी चंडीगढ़ प्रशासन को हाईकोर्ट की तरफ से तीन हफ्ते का समय दे दिया गया है। अब इस मामले में 26 फरवरी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।

हाईकोर्ट ने मामला 26 फरवरी तक किया स्थगित

AAP पार्षद ने अंतरिम राहत से इनकार करने और याचिका को तीन सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील दायर की। हाईकोर्ट में मामला 26 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। हाईकोर्ट में दायर याचिका के अनुसार, आप उम्मीदवार ने एक रिटायर्ड न्यायाधीश की देखरेख में स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से नए सिरे से चुनाव कराने के निर्देश मांगे हैं। याचिका में कहा गया है कि यह इसलिए दायर किया गया, क्योंकि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से नहीं हुआ था।

कांग्रेस अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल करेगी याचिका

वहीं, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर कांग्रेस पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल करने जा रही है। कांग्रेस की तरफ से दोनों पदों पर भाजपा के जीते उम्मीदवार कुलदीप सिंह संधू और राजेंद्र शर्मा की जीत को चुनौती दी जाएगी। कांग्रेस की तरफ से गठबंधन के समर्थन से इन दोनों पदों पर गुरप्रीत गावी और निर्मला देवी को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन विपक्ष के वॉकआउट करने के बाद भाजपा के दोनों प्रत्याशी जीत गए थे।