H

Please upgrade the app if you see a red line at the top. To upgrade the app, click on this line.

CG NEWS : छत्तीसगढ़ में बिना लाइसेंस के नर्सिंग होम हो रहे थे संचालित। 4 नर्सिंग होम पर कलेक्टर ने लगाया 20 हजार का जुर्माना

By: Shivani Hasti | Created At: 30 August 2023 02:16 PM


banner
CG NEWS : दुर्ग, छत्तीसगढ़। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने गंगोत्री हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर धमधा, सीतादेवी क्लीनिक श्याम प्लाजा ग्राउंड फ्लोर अहिवारा रोड कुम्हारी, नंदिनी नर्सिंग होम वार्ड नं. 7 अहिवारा एवं लैब केयर डायग्नोस्टिक, वार्ड नं. 6 अहिवारा सहित चार संस्था के संचालकों को नर्सिंग होम एक्ट लायसेंस के बिना संस्था का संचालन करते पाये जाने पर नर्सिंग होम एक्ट की धारा 12 (क) (1) के तहत 20-20 हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किया है। इसके अलावा कलेक्टर ने लाइसेंस प्राप्त होने तक उक्त चारों संस्थाओं का संचालन बंद रखना निर्देशित किया है। नर्सिंग होम एक्ट लायसेंस के बिना चिकित्सकीय संस्था का संचालन नर्सिंग होम एक्ट 2010 व 2013 का उल्लंघन है। दण्डित जुर्माना राशि नोटिस जारी हाने के 5 दिन के भीतर ’’सुपरवाईजरी अथॉरिटी सी.जी. नर्सिंग होम एक्ट डिस्ट्रिक्ट दुर्ग’’ नाम पर बैंक ड्रॉफ्ट बनवाकर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग में जमा करने निर्देशित किया गया है।

20 हजार रूपए का अर्थदण्ड

कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने सूचना के अधिकार के तहत मरीज के उपचार संबंधी असंतोषप्रद जानकारी उपलब्ध कराने पर व्ही. वाय. हॉस्पिटल के संचालक को 20 हजार रूपए के जुर्माने से दण्डित किया है। दण्डित जुर्माना राशि नोटिस जारी हाने के 5 दिन के भीतर ’’सुपरवाईजरी अथॉरिटी सी.जी. नर्सिंग होम एक्ट डिस्ट्रिक्ट दुर्ग’’ नाम पर बैंक ड्रॉफ्ट बनवाकर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग में जमा करने निर्देशित किया गया है।

नर्सिंग होम एक्ट 2010 व 2013 का उल्लंघन

प्राप्त जानकारी के अनुसार व्ही. वाय. हॉस्पिटल पद्मनाभपुर दुर्ग के संचालक को बार-बार स्मरण प़त्र प्रेषित किए जाने के बावजूद भी मरीज के चिकित्सकीय उपचार संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य उपर्चायगृह एवं रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 व 2013 के अनुसूची 7, नियम 14 (2) (3) अंतर्गत प्रत्येक नर्सिंग होम, क्लीनिक एवं अस्पताल में मरीज के आने, उसका उपचार आरंभ होने की तारीख से 5 वर्ष की अवधि के लिए मेडिकल रिकार्डों का अनुरक्षण करना व सुरक्षित रखने का प्रावधान है। व्ही. वाय. हॉस्पिटल द्वारा मरीज के उपचार संबंधी असंतोषप्रद जानकारी उपलब्ध कराया जाना नर्सिंग होम एक्ट 2010 व 2013 का उल्लंघन है।

Read More: CG NEWS : रेल में होने वाले अपराधों पर कसें शिकंजा, स्थानीय पुलिस का करें सहयोग : IG डांगी