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साइंस ने बताया क्यों लगती है शराब की लत, ये चीज बनाती है आपको पियक्कड़

By: Sanjay Purohit | Created At: 06 July 2024 11:54 AM


शराब पीने को चाहे समाज में कितना ही बुरा क्यों ना समझा जाता हो, लेकिन यह मानव समाज का एक अभिन्न हिस्सा रहा है. कई लोगों में शराब पीने की जबरदस्त लत पाई जाती है, उनके लिए शराब जैसे अमृत होती है, और एक घूंट पीते ही वे किसी और दुनिया में पहुंच जाते हैं.

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शराब की बूंद जब गले से नीचे उतरती है, तो कई लोग उन पलों को जीते हैं, जिसके बारे में वे होश के दिनों में केवल सोच सकते हैं या सपने में देख सकते हैं. सदियों से इंसानों के बीच अलग-अलग तरह के शराब का नशा करने वाले लोग रहे हैं. कुछ लोगों में शराब का नशा अलग तरीके से रंग दिखाता है, तो कुछ पर असर ही नहीं करता. कुछ लोग एक के बाद एक लगातार कई ड्रिंक पी लें तो भी उनमें नशे का असर नहीं दिखता, जबकि कुछ लोग शराब का घूंट पीने भर से ही मदहोशी में पहुंच जाते हैं.

शराब पीने से कई लोगों के हाव-भाव बदल जाते हैं, तो कुछ पर ये बेअसर साबित होती है. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि कोई इंसान शराब क्यों पीता है या किसी को शराब की लत क्यों लगती है? साइंस ने इस सवाल का जवाब देने की कोशिश की है. एक रिसर्च के मुताबिक, पियक्कड़ लोगों में शराब के लिए उमंग एक जेनेटिक लिंक की वजह से हो सकती है.

जीन से शराब का नशा

किंग्स कॉलेज लंदन के रिसर्चर्स ने प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (PNAS) में एक स्टडी पब्लिश की थी. इसमें बताया गया था कि RASGRF-2 नामक जीन लोगों में शराब पीने की खुशी पर असर डाल सकता है. यह रिसर्च जेनेटिक्स, ब्रेन केमिस्ट्री और शराब के साथ हमारे रिश्ते को उजागर करती है

डोपामाइन कनेक्शन

इस स्टडी में डोपामाइन पर काफी ज्यादा ध्यान दिया गया है. डोपामाइन दिमाग में मजे और खुशी से जुड़ा एक न्यूरोट्रांसमीटर है. जब हमको कोई चीज मजेदार लगती है, जैसे- टेस्टी फूड खाना या फेवरेट म्यूजिक सुनना, तो डोपामाइन का लेवल बढ़ जाता है. इससे सुकून मिलने का अहसास हो सकता है. यह मजा देने वाली चीजों की आदत को बढ़ाता है.