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56 सीटों पर चुनाव के बाद भी नहीं बदलेगा राज्यसभा का गणित, जानिए किसको फायदा, किसको नुकसान ?

By: Ramakant Shukla | Created At: 30 January 2024 11:09 AM


फरवरी में राज्यसभा की 56 सीटों पर चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है। सवाल यही है कि 15 राज्यों में होने वाले इन चुनावों के बाद क्या संसद के ऊपरी सदन में NDA मजबूत होगा? राज्य तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिली बड़ी जीत का भाजपा को फायदा होगा?

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फरवरी में राज्यसभा की 56 सीटों पर चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है। सवाल यही है कि 15 राज्यों में होने वाले इन चुनावों के बाद क्या संसद के ऊपरी सदन में NDA मजबूत होगा? राज्य तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिली बड़ी जीत का भाजपा को फायदा होगा?

27 फरवरी को होंगे राज्यसभा चुनाव

लोकसभा चुनावों से ठीक पहले होने वाले इन राज्यसभा सदस्यों के चुनाव को अहम माना जा रहा है, लेकिन सच्चाई यह भी है कि इससे राज्यसभा में कोई बड़ा अंतर नहीं आएगा। अभी सत्तारूढ़ NDA बहुमत से दूर है और दूर ही रहेगा। उल्टा तेलंगाना में जीत का कांग्रेस को सबसे बड़ा फायदा होगा। सबसे बड़ा नुकसान बीआरएस के खाते में जाएगा। भाजपा की स्थिति में कोई बड़ा अंतर नहीं आएगा।

15 राज्यों में 56 राज्यसभा सदस्य हो रहे रिटायर

रिटायर होने वाले 56 सांसदों में से 28 भाजपा और 10 कांग्रेस के हैं। भाजपा लगभग इतनी ही सीटें बरकरार रख सकती है। कांग्रेस का खाते में 9 सीटें जाती दिख रही है।

कांग्रेस को बिहार में भी अपने सहयोगियों की मदद से एक और सीट मिल सकती है। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के तीन राज्यसभा सदस्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं और इसमें से दो कांग्रेस के पास चली जाएगी।

उत्तर प्रदेश से 10 राज्यसभा सदस्यों का चुनाव होना है। अभी इनमें 9 भाजपा के हैं, चुनाव बाद यह संख्या घटकर 7 रह जाएगी। अखिलेश यादव की पार्टी के पास अभी 111 विधायक हैं, जबकि 2017 में सिर्फ 47 थे।

बदली हुई परिस्थिति में बिहार में भाजपा को सीट का फायदा होगा। सेवानिवृत्त होने वाले छह सदस्यों में से दो-दो जद (यू) और राजद से और एक-एक भाजपा और कांग्रेस से हैं।

विधानसभा की वर्तमान ताकत को देखते हुए भाजपा और राजद को दो-दो सीटें मिलेंगी और जदयू को एक सीट मिलेगी। राजद के नेतृत्व वाले विपक्ष के पास छठी सीट पाने के लिए पर्याप्त संख्या है, जिसके लिए कांग्रेस प्रयास कर रही है।

मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी स्थिति में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। मध्यप्रदेश में रिटायर होने वाले पांच सदस्यों में से चार भाजपा और एक कांग्रेस से हैं। दोनों पार्टियों की मौजूदा ताकत के आधार पर नतीजा यही रहने की संभावना है।

राजस्थान में भाजपा के दो और कांग्रेस का एक सदस्य रिटायर हो रहे हैं। चुनाव बाद यही स्थिति बनी रहेगी। छत्तीसगढ़ में बीजेपी का एक सदस्य रिटायर हो रहा है और पार्टी को यह सीट वापस मिल जाएगी।