H

15 फरवरी से शुरू हो रहा है नागौर पशु मेला, वीकेंड में यहां घूमने का बना सकते हैं प्लान

By: Sanjay Purohit | Created At: 09 February 2024 04:44 PM


हर साल इस मेले में करीब 75,000 ऊंट, बैल और घोड़ों का व्यापार होता है।

banner
नागौर पशु मेला राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला है, जो हर साल जनवरी या फरवरी में आयोजित होता है। इस साल ये 15 फरवरी से शुरू हो रहा है और 18 फरवरी तक चलेगा। इस मेले को रामदेवजी पशु मेला और नागौर मवेशी मेले के रूप में भी जाना जाता है। इस मेले में दूर-दूर से मवेशी अपने पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए आते हैं। यहां आपको एक से बढ़कर एक अच्छी नस्लों के पशु देखने को मिल जाएंगे। हर साल यहां तकरीबन 75,000 ऊंट, बैल और घोड़ों का व्यापार होता है।

नागौर पशु मेला

नागौर, बीकनेर और जोधपुर के बीच स्थित एक खूबसूरत शहर है। यह पशु मेला हर साल नागौर शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर मानसर गांव में माघ शुक्ल सप्तमी को आयोजित किया जाता है। इस मेले में लाने से पहले लोग अपने जानवरों को अच्छी तरह से सजाते हैं। यहां नागौरी नस्ल के बैलों की बड़ी मात्रा में बिक्री होती है। ऊंट, गाय, घोड़े, भेड़ के अलावा यहां मसालों का भी व्यापार किया जाता है। इस त्यौहार का एक और जो मुख्य आकर्षण है वो है मिर्ची बाज़ार।नागौर का लाल मिर्च काफी मशहूर है। इसके अलावा आप यहां आकर लकड़ी पर की गई खूबसूरत नक्का शी के सामान, लोहे से बनी तरह-तरह की वस्तुएं और चमड़े से बने सामान देख और खरीद सकते हैं।

मेले के अन्य आकर्षण

मेले के दौरान कई तरह के खेलों का भी आयोजन किया जाता है, जिनमें रस्साकशी, ऊंट और घोड़ों के नृत्य को देखने का अलग ही मजा है। कुचामणि ख्याल गायकी और नागौर की लोक कला व संस्कृति से भी रूबरू होना का मौका मिलता है।