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सुरक्षा के घेरे में 70 साल पुराना चंबल पुल, 24 घंटे तैनात रहते हैं जवान

By: Sanjay Purohit | Created At: 04 July 2024 09:32 AM


मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला चंबल नदी का एक मात्र पुल इन दिनों सुरक्षा के घेरे में है.

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मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला चंबल नदी का एक मात्र पुल इन दिनों सुरक्षा के घेरे में है। मध्य प्रदेश की ओर से पीएनसी कंपनी ने निजी सुरक्षा गार्ड चंबल पुल के दोनों सिरों पर तैनात किए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश की इटावा जिले की पुलिस ने दो शस्त्र धारक जवानों को तैनात किया है। इस पुल की सुरक्षा मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की स्टेट द्वारा कराई जा रही है। बताया गया है कि चंबल पुल करीब 70 साल पुराना है। इस पुल पर ट्रैफिक का लगातार दबाव बना हुआ है। सबसे ज्यादा इस पुल को असुरक्षित करने वाले ओवर लोडेड वाहन है। मध्य प्रदेश की सीमा से उत्तरप्रदेश की ओर हर रोज सैकड़ों की तादाद में काली गिट्टी और रेत से भरे ओवरलोड ट्रक निकलते थे। इस कारण से बार-बार इस पुल के बैरिंग टूट रहे थे। पुल स्लैब मूव होना बंद हो जाते थे और उनमें दरार आ रही थी।

इस पुल के क्रेक बार बार ठीक कराए जाते थे। फिर भी बार बार क्रेक आ रहा था यह सिलसिला पीछे तीन साल से चल रहा था। इस वजह से 8 जून 2023 से 28 जून 2024 तक पुल पर से हैवी वाहनों को निकालना प्रतिबंधित किया गया था। मध्यप्रदेश के भिण्ड और उत्तरप्रदेश के इटावा जिले के प्रशासनिक अधिकारी ने पुल पर से अधिकतम भार 55 टन निकाले जाने की शर्त के साथ पुल चालू कराए जाने का निर्णय लिया। गिट्टी और रेत से भरे हुए वाहन उत्तर प्रदेश जाने के लिए भिण्ड जिला की सीमा से होकर जाते है। इसलिए बरही टोल प्लाजा को यह दायित्व सौंपा गया कि कोई भी वाहन 55 टन से अधिक वजनी पुल से निकलने नहीं चाहिए। टोल प्लाजा प्रबंधन को यह दायित्व दिया गया कि टोल पर लगी तकनीकी मशीनों से हर माइनिंग वाहन की क्षमता नापी जाए। इसके बाद ही वाहन को निकाला जाए।

प्रशासनिक आदेश का पालन करते हुए पीएसी इंफ्राटेक कंपनी लगातार मध्यप्रदेश से उत्तरप्रदेश की ओर जाने वाले वाहनों की वजन पर निगरानी कर रही है। वहीं, कंपनी ने चंबल के बरही और उत्तरप्रदेश के उदी यानी पुल के दोनों सिरों पर सुरक्षा कर्मी तैनात भी किए हैं। इसी तरह चंबल पुल के उत्तर प्रदेश सीमा पर इटावा पुल के पुलिस जवान 24 घंटे तैनात हैं।