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महुआ मोइत्रा के कई ठिकानों पर CBI की छापेमारी, कैश फॉर क्वेरी से जुड़ा है मामला

By: Ramakant Shukla | Created At: 23 March 2024 12:29 PM


TMC नेता महुआ मोइत्रा से जुड़े कई ठिकानों पर सीबीआई छापेमारी कर रही है। यह कार्रवाई 'पैसे लेकर सवाल पूछने' से जुड़ा है। जांच एजेंसी कोलकाता समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। गुरुवार को उनके खिलाफ सीबीआई ने रेगुलर केस दर्ज किया था। दिल्ली से सीबीआई की एक टीम महुआ के पिता के दक्षिण कोलकाता के अलीपुर इलाके स्थित फ्लैट पर पहुंची है। लोकपाल ने 'पैसे लेकर सवाल पूछने' के मामले में CBI को महुआ मोइत्रा के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। लोकपाल ने सीबीआई को निर्देश दिया कि महुआ मोइत्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच की जाए। इसके साथ ही लोकपाल ने जांच एजेंसी को छह महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।

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TMC नेता महुआ मोइत्रा से जुड़े कई ठिकानों पर सीबीआई छापेमारी कर रही है। यह कार्रवाई 'पैसे लेकर सवाल पूछने' से जुड़ा है। जांच एजेंसी कोलकाता समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। गुरुवार को उनके खिलाफ सीबीआई ने रेगुलर केस दर्ज किया था। दिल्ली से सीबीआई की एक टीम महुआ के पिता के दक्षिण कोलकाता के अलीपुर इलाके स्थित फ्लैट पर पहुंची है। लोकपाल ने 'पैसे लेकर सवाल पूछने' के मामले में CBI को महुआ मोइत्रा के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। लोकपाल ने सीबीआई को निर्देश दिया कि महुआ मोइत्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच की जाए। इसके साथ ही लोकपाल ने जांच एजेंसी को छह महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।

लोकपाल ने अपने आदेश में क्या कहा

लोकपाल ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद पूरी जानकारी का सावधानी से मूल्यांकन करने के बाद कोई संदेह नहीं रह जाता है कि महुआ के खिलाफ लगाए गए आरोप, जिनमें से अधिकांश में ठोस सबूत हैं, उनके पद को देखते हुए बेहद गंभीर प्रकृति के हैं। इस वजह से हमारी राय में सच को स्थापित करने के लिए गहन जांच जरूरी है। प्रासंगिक समय पर आरपीएस (प्रतिवादी लोक सेवक) की स्थिति को देखते हुए यह जरूरी हो जाता है कि एक लोक सेवक अपने पद पर रहने के दौरान कर्तव्यों के निर्वहन में ईमानदारी बरतें। लोकपाल ने अपने आदेश में कहा है कि एक जन प्रतिनिधि के कंधों पर जिम्मेदारी और बोझ अधिक होता है। यह हमारा कर्तव्य है और अधिनियम का आदेश है कि उन भ्रष्टाचार और भ्रष्ट प्रथाओं को जड़ से खत्म करने के लिए सभी प्रयास किए जाएं जो अनुचित लाभ, अवैध लाभ या लाभ और बदले में लाभ जैसे पहलुओं को अपने दायरे में लाते हैं. भ्रष्टाचार एक ऐसी बीमारी है जो इस लोकतांत्रिक देश की विधायी, प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।

क्या है Cash for Query मामला?

महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप लगे थे। जांच के बाद एथिक्स कमेटी ने अपनी रिपोर्ट स्पीकर को सौंपी थी। इस पूरे मामले की शुरुआत भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के आरोपों से हुई। निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर संसद में सवाल पूछने के लिए रियल स्टेट कारोबारी हीरानंदानी से रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। निशिकांत दुबे ने ये आरोप महुआ के पूर्व दोस्त जय अनंत देहाद्रई की शिकायत के आधार पर लगाए।

लोकसभा अध्यक्ष ने किया था कमेटी का गठन

निशिकांत की शिकायत पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कमेटी का गठन किया। निशिकांत दुबे ने बिरला को लिखे लेटर में गंभीर 'विशेषाधिकार के उल्लंघन' और 'सदन की अवमानना' का मामला बताया था। कमेटी ने महुआ मोइत्रा, निशिकांत दुबे समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए थे। विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली समिति ने 9 नवंबर को एक बैठक में 'कैश-फॉर-क्वेरी' के आरोप पर महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार की थी. कमेटी के 6 सदस्यों ने रिपोर्ट के पक्ष में मतदान किया था और दिसंबर 2023 में उनकी संसद सदस्यता रद्द कर दी गई।