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संसद में महामहिम द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण का बहिष्कार, संजय राउत बोले - तानाशाही के लिए राष्ट्रपति जिम्मेदार...

By: Durgesh Vishwakarma | Created At: 27 June 2024 05:34 AM


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज गुरुवार यानी की (27 जून) को संसद के दोनों सदनों में अपना अभिभाषण पेश करेंगी। इस दौरान महामहिम द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगीं।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज गुरुवार यानी की (27 जून) को संसद के दोनों सदनों में अपना अभिभाषण पेश करेंगी। इस दौरान महामहिम द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगीं। आपको बता दें कि, इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू निचले और ऊपरी सदन की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए अगले 5 वर्षों के लिए नई सरकार के कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगी।

सरकार की नीतियों को सदम में रखेंगी राष्ट्रपति

आपको बता दें कि, 18वीं लोकसभा का पहला सत्र जारी है और तमाम नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण हो चुका हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण के माध्यम से सरकार अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को सदन और जनता के सामने रखती है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद सरकार दोनों सदनों में उनके लिए धन्यवाद प्रस्ताव पेश करेगी। सरकार के आगामी कार्यों के रोडमैप पर पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में चर्चा भी होगी।

AAP ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करने का ऐलान किया

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो या तीन जुलाई को धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का उत्तर दे सकते हैं। वहीं, दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करने का ऐलान किया है, वो केजरीवाल की गिरफ्तारी का विरोध कर रही है, जो शराब घोटाला मामले में काफी समय से जेल में हैं और कोर्ट से उन्हें जमानत भी नहीं मिल रही है।

तानाशाही के लिए राष्ट्रपति जिम्मेदार...

वहीं, AAP के राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करने पर शिवसेना (उद्धव गुट) ने भी समर्थन किया है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा है कि, मैं आम आदमी पार्टी के फैसले का स्वागत करता हूं। जिस प्रकार तानाशाही चल रही है, उसकी जिम्मेदार राष्ट्रपति भी हैं। राष्ट्रपति को सरकार को तानाशाही के विरुद्ध रोकना चाहिए।