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मतदान के बाद भाजपा को लाड़ली बहना तो कांग्रेस को अपनी गारंटी पर भरोसा

By: Ramakant Shukla | Created At: 19 November 2023 09:40 AM


मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को 230 सीटों पर मतदान हो गया। प्रदेश के 2533 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद हो गया। इसके बाद अब प्रदेश में जीत और हार को लेकर मंथन शुरू हो गया है। प्रत्याशी से लेकर मतदाता सरकार बनाने को लेकर एक-एक सीट का आंकलन कर रहे हैं। भले ही भाजपा और कांग्रेस के नेता अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन दोनों में मुकाबला कड़ा दिख रहा है। सत्ता पर काबिज भाजपा बढ़े मतदान से अपनी जीत का दावा कर रही है। भाजपा को लाड़ली बहना योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, कांग्रेस को भी नारी सम्मान, 500 रुपये में गैस सिलिंडर सहित कई वादों से ज्यादा उम्मीद दिख रही है। इस बार चुनाव में ना तो सत्ता विरोधी, ना ही कोई लहर जैसा कुछ दिखा। इसके बावजूद ज्यादा मतदान के राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने मायने निकाल रहे हैं।

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को 230 सीटों पर मतदान हो गया। प्रदेश के 2533 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद हो गया। इसके बाद अब प्रदेश में जीत और हार को लेकर मंथन शुरू हो गया है। प्रत्याशी से लेकर मतदाता सरकार बनाने को लेकर एक-एक सीट का आंकलन कर रहे हैं। भले ही भाजपा और कांग्रेस के नेता अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन दोनों में मुकाबला कड़ा दिख रहा है। सत्ता पर काबिज भाजपा बढ़े मतदान से अपनी जीत का दावा कर रही है। भाजपा को लाड़ली बहना योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, कांग्रेस को भी नारी सम्मान, 500 रुपये में गैस सिलिंडर सहित कई वादों से ज्यादा उम्मीद दिख रही है। इस बार चुनाव में ना तो सत्ता विरोधी, ना ही कोई लहर जैसा कुछ दिखा। इसके बावजूद ज्यादा मतदान के राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने मायने निकाल रहे हैं।

दोनों को महिलाओं का साथ मिलने का भरोसा

प्रदेश में महिलाओं ने बड़ी संख्या में वोट किया। इसे दोनों ही राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष में मान रहे हैं। शिवराज सरकार 1 करोड़ 31 लाख लाड़ली बहनों को 1250 रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता दे रहे हैं। कांग्रेस ने भी नारी सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया है। इसके अलावा कांग्रेस अपने वचन पत्र के वादों से प्रदेश में बदलाव होने का दावा कर रही है।

पिछले साल दोनों का वोट प्रतिशत समान था

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों के बीच पिछले 2018 में मुकाबला कड़ा था। प्रदेश की 230 सीटों में कांग्रेस को 114 तो भाजपा को 109 सीट मिली थी। कांग्रेस को 40.89 प्रतिशत और भाजपा को 41.02 प्रतिशत वोट मिले थे। यानी दोनों का वोट शेयर भी करीब-करीब समान था।