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रानी दुर्गावती के नाम पर बनाए जाएंगे प्रशिक्षण केंद्र - जनजातीय मंत्री विजय शाह

By: Durgesh Vishwakarma | Created At: 24 June 2024 08:10 AM


जनजातीय मंत्री विजय शाह ने कहा कि-रानी दुर्गावती के वंशज होने पर हमें गर्व है। रानी दुर्गावती का शासनकाल और प्रबंधन दोनों अद्भुत थे। रानी दुर्गावती ने मौत को गले लगाना उचित समझा लेकिन अंग्रेजों के आगे झुकना नहीं।

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चन्देलों की बेटी थी, गौंडवाने की रानी थी, चण्डी थी, रणचण्डी थी, वह दुर्गावती भवानी थी... ये पंक्तियां वीरांगना रानी दुर्गावती के लिए है। धर्म एवं राज्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाली, अदम्य साहस और शौर्य की प्रतिमूर्ति, महान वीरांगना रानी दुर्गावती का आज बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती, जिनकी तुलना केवल काकतीय वंश की रुद्रमा देवी और फ्रांस की जोन ऑफ आर्क से की जा सकती है, 52 में से 51 युद्धों में रानी दुर्गावती अपराजेय रहीं।

क्रौंच व्यूह और अर्द्धचंद्र व्यूह में उनकी महारत थी

रानी दुर्गावती युद्ध के नौ पारंपरिक व्यूहों जैसे वज्र व्यूह, क्रौंच व्यूह, अर्धचंद्र व्यूह, मंडल व्यूह, चक्रशकट व्यूह, मगर व्यूह, औरमी व्यूह, गरुड़ व्यूह और श्रींगातका व्यूह से भली-भांति परिचित थीं। खासकर, क्रौंच व्यूह और अर्द्धचंद्र व्यूह में उनकी महारत थी। क्रौंच व्यूह का प्रयोग बड़ी सेना के लिए होता था, जिसमें पंखों में सेना और चोंच पर वीरांगना रानी दुर्गावती होती थीं। दूसरी ओर अर्द्धचंद्र व्यूह का प्रयोग छोटी सेना के साथ बड़े दुश्मन पर आक्रमण करने के लिए किया जाता था।

रानी दुर्गावती के नाम पर बनाए जाएंगे प्रशिक्षण केंद्र

रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, रानी दुर्गावती के नाम पर प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाएंगे। प्रदेश के 89 ब्लॉक में रानी दुर्गावती के नाम पर प्रशिक्षण केंद्र बनेंगे। प्रशिक्षण केंद्र बनने के बाद मंडला, डिंडोरी जैसे जिलों के बच्चों को ट्रेनिंग के लिए दूसरे जिले नहीं जाना पड़ेगा। 1 साल के अंदर रानी दुर्गावती प्रशिक्षण केंद्र तैयार होंगे। इन्हीं केंद्रों पर पीएससी जैसे तमाम परीक्षाओं की तैयारी छात्र करेंगे। कहा कि-रानी दुर्गावती के वंशज होने पर हमें गर्व है। रानी दुर्गावती का शासनकाल और प्रबंधन दोनों अद्भुत थे। रानी दुर्गावती ने मौत को गले लगाना उचित समझा लेकिन अंग्रेजों के आगे झुकना नहीं।