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मैडम जी दफ्तर में बैठकर गिन रही थीं नोट, अचानक पहुंच गई लोकायुक्त की टीम

By: Sanjay Purohit | Created At: 04 July 2024 08:04 AM


उज्जैन लोकायुक्त की कार्यवाही: असिस्टेंट इंजीनियर पीएचई, निधि मिश्रा रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

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मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर और भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों पर लोकायुक्त के शिकंजा कसने का सिलसिला जारी है। हर आते दूसरे दिन कहीं न कहीं रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारी पकड़े जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोरी का खेल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। ताजा मामला उज्जैन का है जहां लोकायुक्त की टीम ने पीएचई विभाग की असिस्टेंट इंजीनियर मैडम को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।

मैडम जी रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

उज्जैन में पीएचई विभाग में पदस्थ एई निधि मिश्रा को 60 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। सहायक इंजीनियर निधि मिश्रा ने अक्षय पाटीदार नाम के ठेकेदार से 60 हजार रूपए रिश्वत की मांग की थी जिसकी शिकायत अक्षय पाटीदार ने उज्जैन लोकायुक्त से की थी। लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर रिश्वत के रूपए लेकर फरियादी अक्षय को निधि मिश्रा के पास भेजा। जैसे ही असिस्टेंट इंजीनियर निधि मिश्रा ने रिश्वत के 60 हजार रूपए लेकर अपनी दराज में रखे तो लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगेहाथों पकड़ लिया।

10 लाख के बिल के एवज में मांगी थी रिश्वत

फरियादी ठेकेदार अक्षय पाटीदार ने बताया कि उसने नल जल योजना के तहत 2022 में उज्जैन के घट्टिया तहसील के गांवों में काम किया था। कोरोना की वजह से समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। चार महीने की देरी पर विभाग ने 10 लाख रुपए का बिल रोक दिया था। इसी बिल को पूरा करने के लिए निधि मिश्रा ने उससे 60 हजार रूपए की रिश्वत की डिमांड की थी। रिश्वतखोर निधि मिश्रा ने उससे कहा था कि 50 हजार रूपए ऊपर के अधिकारियों को देने होंगे और 10 हजार रूपए उसे बचेंगे।