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सावधान: बढ़ते तापमान के साथ इन स्वास्थ्य समस्याओं का भी बढ़ जाता है खतरा, ऐसे आसान से उपाय करके रहें सुरक्षित

By: Sanjay Purohit | Created At: 02 April 2024 01:03 PM


देशभर में गर्मी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है। कई तरह के मौसमी फल और सब्जियां इस मौसम को जरूर खास बनाती हैं, पर तापमान बढ़ने के साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी कई गुना बढ़ जाता है।

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देशभर में गर्मी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है। कई तरह के मौसमी फल और सब्जियां इस मौसम को जरूर खास बनाती हैं, पर तापमान बढ़ने के साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी कई गुना बढ़ जाता है। गर्मियों के मौसम में तेज लू के कारण शरीर से तेजी से पानी की मात्रा कम होने लगती है, इसके अलावा पसीने और तेज धूप के कारण शरीर पर कई तरह के नकारात्मक प्रभाव पड़ने का खतरा भी हो सकता है। इस मौसम में स्वास्थ्य को लेकर सभी लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़े हुए तापमान के साइड-इफेक्ट्स के कारण कई ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं का भी खतरा बढ़ जाता है, जिसपर अगर ध्यान न दिया जाए तो स्थिति जानलेवा तक हो सकती है। इस खतरे को ध्यान में रखते हुए अचानक तापमान परिवर्तन के प्रति संवेदनशील, हृदय रोगी, मोटे या अधिक वजन वाले लोग, हाई ब्लड प्रेशर के शिकार और बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्म वातावरण कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया के लिए भी अनुकूल होता है जो शरीर को बीमार कर सकते हैं।

त्वचा से संबंधित समस्याएं

पसीने और लंबे समय तक गर्मी के संपर्क में रहने के कारण त्वचा से संबंधित कई तरह समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। इस मौसम में हीट रैश, त्वचा पर पैच होने, खुजली और संक्रमण का खतरा अधिक होता है। गर्मी के दिनों में घमौरी की समस्या भी काफी सामान्य है। कुछ सामान्य लक्षणों में त्वचा पर लाल धब्बे, फुंसी या छालों के साथ खुजली और जलन की दिक्कत हो सकती है। इस मौसम में त्वचा की देखभाल बहुत आवश्यक है।

हीट स्ट्रोक का खतरा

तापमान बढ़ने के साथ अक्सर बाहर रहने वाले लोगों में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। आमतौर पर शरीर से पसीने के रूप में गर्मी निकलती रहती है, लेकिन कुछ स्थितियों में शरीर स्वाभाविक रूप से ठंडक नहीं ले पाता है जिसके कारण यह समस्या होती है। यह एक आपातकालीन स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान बढ़ जाने, चक्कर आने और गंभीर स्थितियों में कोमा और मृत्यु का खतरा भी हो सकता है।

निर्जलीकरण की समस्या

गर्मी के दिनों में शरीर से पसीने के रूप में अधिक पानी बाहर निकलता रहता है, ऐसे में यदि आप कम मात्रा में पानी या तरल पदार्थों का सेवन करते हैं तो इससे डिहाइड्रेशन होने का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में मुंह और जीभ सूखने, चक्कर आने, कमजोरी-थकान और बुखार का खतरा बढ़ जाता है। मानव शरीर में लगभग 75 प्रतिशत पानी होता है। इस पानी के बिना जीवित नहीं रहा जा सकता है।

गर्मियों की समस्या से बचाव के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस मौसम में अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। गर्मी में पसीने के कारण शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, इसलिए निर्जलीकरण के शिकार होने से बचने के लिए पानी और तरल पदार्थों का सेवन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अत्यधिक गर्म और उमस भरे दिनों में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। स्वस्थ और हल्के भोजन का ही सेवन करें।