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मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 7 मरीजों ने खोई आंखों की रोशनी, एक महीने में दूसरा मामला

By: Sanjay Purohit | Created At: 10 February 2024 10:48 AM


गुजरात के पाटन जिले में एक ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पताल में मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद सात मरीजों ने आंख की रोशनी आंशिक या पूर्ण रूप से चली जाने की शिकायत की जिसके बाद पदाधिकारियोंने जांच के आदेश दिए हैं।

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गुजरात के पाटन जिले में एक ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पताल में मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद सात मरीजों ने आंख की रोशनी आंशिक या पूर्ण रूप से चली जाने की शिकायत की जिसके बाद पदाधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल की ट्रस्टी भारती वखारिया ने कहा कि दो फरवरी को राधनपुर शहर के सर्वोदय नेत्र अस्पताल में सर्जरी कराने वाले कुल 13 लोगों में से सात रोगियों में संक्रमण के कारण जटिलताएं उत्पन्न हुईं।

स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने कही यह बात

उन्होंने बताया कि उनमें से पांच को अहमदाबाद सिविल अस्पताल के एम एंड जे इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में स्थानांतरित कर दिया गया और दो को मेहसाणा जिले के विसनगर शहर के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने जांच करने के लिए एक समिति का गठन किया है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘किसी भी लापरवाही के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।''

एक महीने के अंतराल में राज्य में यह दूसरी ऐसी घटना

एक महीने के अंतराल में राज्य में यह दूसरी ऐसी घटना है। अहमदाबाद जिले के मंडल गांव में 10 जनवरी को एक ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पताल में मोतियाबिंद सर्जरी के बाद संक्रमण के कारण 17 बुजुर्गों की दृष्टि चली गई। वर्तमान मामले में, अस्पताल के ट्रस्टी वखारिया ने कहा कि मोतियाबिंद ऑपरेशन कराने वाले 13 मरीजों में से सात तीन दिन बाद लौट आए क्योंकि उनकी आंखों में संक्रमण हो गया था।

भर्ती पांच मरीजों की दृष्टि धूमिल हो गई हैः डॉक्टर

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे ऑपरेशन थिएटर की ‘कल्चर रिपोर्ट' सामान्य थी, जो साबित करती है कि हमारी कोई गलती नहीं थी। सरकारी चिकित्सकों की एक टीम ने हमारे अस्पताल का दौरा किया और आगे की जांच के लिए नमूने एकत्र किए।'' चिकित्सकों के अनुसार, भर्ती पांच मरीजों की दृष्टि धूमिल हो गई है। रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. उमंग मिश्रा ने कहा, ‘‘पाटन में मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद सभी पांच मरीजों में धुंधली दृष्टि और आंखों से पानी आने तथा लाल धब्बे जैसे अन्य दुष्प्रभाव दिखे हैं और इलाज जारी है।''