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Rajasthan News: लोकसभा चुनाव में गर्मी बनी परेशानी, वोटर्स के लिए डेजर्ट कूलर लगाने के निर्देश, चुनाव आयोग ने लिया ये निर्णय

By: payal trivedi | Created At: 02 April 2024 09:49 AM


राजस्थान में लोकसभा चुनाव से पहले मौसम के तेवर ने निर्वाचन आयोग के लिए परेशानी बढ़ा दी है। तेज गर्मी और 44 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने की आशंका को देखते हुए आयोग ने इस बार वोटिंग वाले दिनों का कंटिजेंसी प्लान बनाने के निर्देश दिए है, ताकि वोटर्स को गर्मी में परेशान न होना पड़े।

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Jaipur: राजस्थान में लोकसभा चुनाव से पहले मौसम (Rajasthan News) के तेवर ने निर्वाचन आयोग के लिए परेशानी बढ़ा दी है। तेज गर्मी और 44 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने की आशंका को देखते हुए आयोग ने इस बार वोटिंग वाले दिनों का कंटिजेंसी प्लान बनाने के निर्देश दिए है, ताकि वोटर्स को गर्मी में परेशान न होना पड़े। वोटिंग प्रतिशत भी अच्छा हो। इस प्लान में आयोग ने वोटिंग टाइमिंग (एक वोट देने में लगने वाला समय) को कम करने, गर्मी से वोटर्स को ज्यादा से ज्यादा राहत देने के लिए डेजर्ट कूलर लगाने को कहा है। साथ ही इसके लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्लान बनाने के निर्देश दिए है।

गर्मी को देखते हुए चुनाव आयोग ने लिया ये निर्णय

केंद्रीय चुनाव आयोग ने प्रदेश में गर्मी की स्थिति को देखते हुए राज्य में मई से पहले चुनाव करवाने का निर्णय किया। लेकिन अप्रैल में राजस्थान के जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में हीटवेव भी चल सकती है। इसकी आशंका को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को अपने-अपने यहां चुनाव का कंटिजेंसी प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग का लक्ष्य इस लोकसभा चुनाव में वोटिंग का प्रतिशत 75 फीसदी के पार का है। अब तक हुए लोकसभा के तमाम चुनावों में राज्य में कभी भी लोकसभा की वोटिंग का प्रतिशत 70 फीसदी नहीं हुआ। सर्वाधिक वोटिंग प्रतिशत लोकसभा चुनाव 2019 में रहा था।

इस बार 1370 ऑब्जरवरी बूथ बनाए

राज्य निर्वाचन आयोग के कमिश्नर प्रवीण गुप्ता ने बताया- वोटिंग के दौरान वोटर्स को कम समय लगे। वह जल्दी से जल्दी वोट डाल सके। इस पर भी आयोग विचार कर रहा है। आयोग ने वोटिंग का समय कम करने के लिए इस बार 1370 ऑब्जरवरी बूथ बनाए हैं। साथ ही अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाया जाएगा, ताकि काम जल्दी से जल्दी हो। इससे जिन बूथों पर ज्यादा वोटर्स हैं, वहां कतार को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि एक पोलिंग बूथ पर 1450 मतदाता से ज्यादा वोटर्स नहीं होंगे। आयोग के कमिश्नर ने लोगों से सुबह जल्दी आकर वोट डालने की अपील की है।

छाया-पानी के विशेष इंतजाम करने के निर्देश

राज्य निर्वाचन आयोग के कमिश्नर प्रवीण गुप्ता (Rajasthan News) ने हाल ही में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों की बैठक करके सभी पोलिंग बूथों पर वोटर्स को धूप और गर्मी से बचाने के लिए पर्याप्त टेंट लगाने, पीने के पानी और बुजुर्ग वोटर्स के लिए वेटिंग रूम बनाने के निर्देश दिए हैं। इन वेटिंग रूम में गर्मी से बचने के लिए पंखे और पानी की व्यवस्था करने के लिए कहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जहां ज्यादा गर्मी हो वहां संभव हो सके तो डेजर्ट कूलर या पानी की बौछार करने वाले पंखों की व्यवस्था की जाए।

मतदाताओं को लाने के लिए ट्रांसपोर्ट सुविधा देने पर विचार

आयोग की तरफ से इस बार मतदाताओं को घरों से बूथ तक लाने और ले जाने के लिए ट्रांसपोर्ट व्यवस्था शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। आयोग की तरफ से दूर-दराज के एरिया में बने पोलिंग बूथों (खासकर पश्चिमी राजस्थान) में ये सुविधा शुरू करने पर विचार कर रहा है। ताकि वोटर्स को दोपहर में पोलिंग बूथ तक आने में परेशानी न हो।

17 में से चार बार 50 फीसदी से कम मतदान

लोकसभा चुनाव (Rajasthan News) में मतदान प्रतिशत की अब तक की स्थिति देखें तो 1952 से 2019 तक के बीच 17 बार लोकसभा के चुनाव हुए। इनमें गर्मी के कारण चार बार 50 प्रतिशत से ज्यादा वोटर मतदान केंद्र पर नहीं पहुंचे। साल 1991, 1996, 2004 और 2009 में 50 प्रतिशत से कम मतदान हुआ था। वहीं, 9 बार मतदान प्रतिशत 60 प्रतिशत के नीचे रहा। साल 1998, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत 60 प्रतिशत से 66 फीसदी तक रहा था। सबसे कम 1996 में 43.40 प्रतिशत जबकि सबसे ज्यादा 2019 के लोकसभा चुनाव में 66.34 फीसदी मतदान हुआ था।