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MP कांग्रेस: कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई, नई टीम बनने से पहले ही लगा ब्रेक !

By: Sanjay Purohit | Created At: 23 June 2024 08:32 AM


जीतू पटवारी को काम करने के लिए अभी कम समय मिला। प्रदेश की कमान संभालने के बाद लोकसभा चुनाव शुरू हो गए। ज्यादातर समय चुनाव में ही बीता।

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प्रदेश कांग्रेस में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा। गुटबाजी उभरी है, वर्चस्व की लड़ाई भी शुरू हुई है। स्थिति यह है कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अभी तक अपनी टीम (पीसीसी) तैयार नहीं कर पाए हैं। हालांकि उन्होंने तैयारी पूरी कर ली थी। दावा था कि चंद दिन में घोषित कर दिया जाएगा। अब सूत्र बता रहे हैं कि नई टीम गठित होने से पहले ही ब्रेक लग गया है। कहा जा रहा है पहले पता लगाया जाएगा कि मप्र में लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस का सूपड़ा साफ कैसे हुआ। हालांकि इसके लिए पार्टी हाईकमान ने पहले ही जांच कमेटी का गठन कर दिया है। रिपोर्ट और अनुशंसाओं के बाद पार्टी किसी निर्णय पर पहुंचेगी।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस में बड़ा बदलाव हुआ। कमलनाथ से प्रदेश कांग्रेस की कमान लेकर जीतू को अध्यक्ष बनाया गया। तब इसे पीढ़ी परिवर्तन कहा गया। इसलिए क्योंकि पटवारी युवा हैं, टीम भी युवा होगी।

ज्यादातर समय चुनाव में बीता

पटवारी को काम करने के लिए अभी कम समय मिला। प्रदेश की कमान संभालने के बाद लोकसभा चुनाव शुरू हो गए। ज्यादातर समय चुनाव में ही बीता। सभी गुटों को साधने का प्रयास हुआ इसका असर कम ही दिखा। पार्टी हाईकमान ने पटवारी को फ्रीहैंड दिया था, ऐसे में उन्होंने अपने स्तर पर प्रदेश कार्यकारिणी तैयार के लिए सूची तैयार की। इसमें दिग्गज नेताओं के साथ उनके लोगों को भी शामिल करने का प्रयास किया। लेकिन नेता संतुष्ट नहीं हुए।

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार

लोकसभा चुनाव होने के कारण पार्टी का फोकस लोकसभा चुनाव पर हो गया। पटवारी ने भी नई टीम को गठन के बजाय लोकसभा चुनाव को महत्वता दी। लेकिन परिणामों ने निराश कर दिया। मप्र में कांग्रेस को लोकसभा की एक भी सीट नहीं मिली। एक मात्र छिंदवाड़ा सीट भी कांग्रेस के हाथ से चली गई।