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मध्य प्रदेश विधानसभा में होगा नया प्रयोग, सीएम डॉ. मोहन यादव के जूनियर मंत्रियों को मिलेगी खास ट्रेनिंग

By: Richa Gupta | Created At: 02 February 2024 05:22 PM


मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव की सरकार बनने के बाद लगातार नए प्रयोग किए जा रहे हैं। लेकिन इस बार के विधानसभा सत्र में एक ऐसा प्रयोग होने वाला है, जिसकी चर्चा प्रदेश के सियासी गलियारों में भी हो रही है, क्योंकि सीएम मोहन यादव खुद यह नवाचार करने वाले हैं।

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मध्य प्रदेश विधानसभा में होगा नया प्रयोग, सीएम डॉ. मोहन यादव के जूनियर मंत्रियों को मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव की सरकार बनने के बाद लगातार नए प्रयोग किए जा रहे हैं। लेकिन इस बार के विधानसभा सत्र में एक ऐसा प्रयोग होने वाला है, जिसकी चर्चा प्रदेश के सियासी गलियारों में भी हो रही है, क्योंकि सीएम मोहन यादव खुद यह नवाचार करने वाले हैं। इस नवाचार के लिए मुख्यमंत्री के मंत्रिपरिषद में शामिल जूनियर मंत्रियों को खास तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी।

सवालों के जवाब जूनियर मंत्री देंगे

दरअसल, विधानसभा सत्र के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव के पास जो विभाग हैं, उनसे जुड़े सवालों के जवाब जूनियर मंत्री देंगे। इसके लिए सीएम ने 7 राज्यमंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इसी के लिए मंत्रियों को ट्रेनिंग की दी जाएगी, जिसकी शुरुआत आज से हो रही है। बता दें कि अब तक विधानसभा में यह परंपरा थी कि अगर कैबिनेट मंत्री विधानसभा में मौजूद नहीं रहते हैं तो उनसे संबंधित सवालों के जवाब विभाग के राज्यमंत्री देते थे। लेकिन ऐसा पहली बार होगा जब राज्यमंत्री सीएम के विभागों के सवालों का जवाब विधायकों को देंगे।

इन्हें मिली जिम्मेदारी

नरेंद्र शिवाजी पटेल गृह और जेल विभाग के जवाब देंगे।

प्रतिमा बागरी प्रवासी भारतीय व विमानन विभाग के जवाब देंगी।

दिलीप अहिवार खनिज व उद्योग विभाग के जवाब देंगे।

राधा सिंह लोकसेवा प्रबंधन व आनंद विभाग के जवाब देंगी।

कृष्णा गौर (स्वतंत्र प्रभार) सामान्य प्रशासन विभाग के जवाब देंगी।

धर्मेंद्र लोधी (स्वतंत्र प्रभार) नर्मदा घाटी विकास व जनसंपर्क विभाग के जवाब देंगी।

गौतम टेटवाल (स्वतंत्र प्रभार) विधि व विधायी कार्य व विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के जवाब देंगे।

विभाग चलाने का दिया जाएगा प्रशिक्षण

बता दें कि सीएम मोहन यादव की कैबिनेट में कई मंत्री ऐसे हैं, जो पहली बार चुनाव जीतकर विधायक बने हैं। ऐसे में मंत्रियों को न केवल विधानसभा सत्र की ट्रेनिंग दी जाएगी बल्कि विभागों को चलाने की जिम्मेदारी भी उन्हें मिलेगी। 3 और 4 फरवरी को प्रशासन अकादमी में मंत्रियों की ट्रेनिंग होगी, जिसमें मोहन कैबिनेट में शामिल सीनियर मंत्री भी शामिल होंगे, जो अपने अनुभव जूनियर मंत्रियों से सांझा करेंगे और उन्हें विधानसभा में बोलने के गुण भी सिखाएंगे।

दो दिन चलेगी ट्रेनिंग

बता दें कि मध्य प्रदेश में जगदीश देवड़ा, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राजेंद्र शुक्ला, विजय शाह सीनियर मंत्री हैं, जिनका लंबा संसदीय अनुभव हैं। ऐसे में यह मंत्री भी विभाग को चलाने और बजट के बारे में नए राज्यमंत्रियों को बताएंगे। दो दिन तक चलने वाली इस ट्रेनिंग के अंतिम दिन राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी शामिल हो सकते हैं।

ट्रेनिंग में क्या कुछ रहेगा खास

दरअसल, इन मंत्रियों की ट्रेनिंग इसलिए कराई जा रही है ताकि वह विधानसभा और विभाग के कामकाज को बेहतर तरीके से समझ सके। इस दौरान मंत्रियों को एक्सपर्ट यह बताएंगे कि वे अपने विभागों का कामकाज किस तरह से करें और विभाग को मिलने वाले बजट के बारे में भी समझ सके। इसके अलावा मंत्रियों को बताया जाएगा कि विभागों के संचालन में उनके और अधिकारियों के बीच समन्वय किस तरह से होना चाहिए, क्योंकि मंत्रियों और अधिकारियों में समन्वय होना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। क्योंकि बजट सत्र को लेकर नए मंत्रियों का अचानक से संचालन करना थोड़ा चुनौती पूर्ण हो सकता है। क्योंकि विपक्ष में कई सीनियर विधायक हैं जिनका लंबा संसदीय अनुभव है।