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राहुल गांधी से PM मोदी भी लेंगे सलाह, जानें कितने ताकतवर हुए राहुल गांधी

By: Richa Gupta | Created At: 27 June 2024 12:30 PM


इस लोकसभा चुनाव के नतीजों ने संसद भवन में बहुत कुछ बदलकर रख दिया है। एक तरफ, जहां पूरे दस साल बाद लोकसभा में विपक्ष को अपना सेनापति मिला है।

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इस लोकसभा चुनाव के नतीजों ने संसद भवन में बहुत कुछ बदलकर रख दिया है। एक तरफ, जहां पूरे दस साल बाद लोकसभा में विपक्ष को अपना सेनापति मिला है। वहीं 2014 में सत्ता से बेदखल होने के बाद कांग्रेस को नेता प्रतिपक्ष का पद मिला है। साथ ही 20 साल लंबे राजनीतिक करियर में राहुल गांधी को पहली बार संवैधानिक पद मिला है। विपक्ष का नेता बनने के साथ ही राहुल गांधी को अब कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल गया है। इससे प्रोटोकॉल सूची में उनका स्थान भी बढ़ जाएगा और वे विपक्षी गठबंधन के पीएम फेस के स्वाभाविक दावेदार भी हो सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद किस तरह की शक्तियां मिलने वाली हैं। वह किन फैसलों में अपनी भूमिका निभाने वाले हैं और उन्हें किस तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। महत्वपूर्ण पैनल के सदस्य होंगे विपक्ष का नेता बनने के साथ ही पीएम मोदी और राहुल गांधी कुछ-कुछ मौके पर एक ही टेबल पर आमने-सामने बैठते हुए दिखेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी केंद्रीय सतर्कता आयोग, केंद्रीय सूचना आयोग और एनएचआरसी प्रमुख के अलावा लोकपाल, सीबीआई प्रमुख, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाले महत्वपूर्ण पैनल के सदस्य होंगे। प्रधानमंत्री भी ऐसे सभी पैनलों के प्रमुख होते हैं।

दोनों की राय से फैसले लिए जाएंगे

नेता प्रतिपक्ष कई जरूरी नियुक्तियों में पीएम के साथ बैठता है। मतलब ये कि अब पीएम मोदी और राहुल गांधी साथ मिलकर कई फैसले लेंगे। दोनों के राय से फैसले लिए जाएंगे। चुनाव आयुक्त, केंद्रीय सतर्कता आयोग के अध्यक्ष, मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष इन सभी पदों का चयन एक पैनल के जरिए किया जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री और नेता विपक्ष शामिल रहते हैं। अब तक राहुल गांधी कभी भी मोदी के साथ किसी पैनल में शामिल नहीं हुए हैं। राहुल गांधी भारत सरकार के खर्चों की जांच करने वाली लोक लेखा समिति के अध्यक्ष होंगे।

सरकार के कामकाज की लगातार समीक्षा करेंगे

राहुल सरकार के कामकाज की लगातार समीक्षा करेंगे। वह ये जानने की कोशिश करेंगे कि सरकार कहां पर कितना पैसा खर्च कर रही है। राहुल गांधी दूसरे देशों के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय मुद्दों पर अपना दृष्टिकोण देने के लिए भारत बुला सकते हैं। मतलब कि अगर वह किसी मुद्दे पर विदेशी मेहमानों से चर्चा करना चाहें तो वह ऐसा कर पाएंगे। नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के प्रमुखों के चयन में भी अहम भूमिका निभाने वाले हैं। वह पिछले 10 साल से इन एजेंसियों पर काफी आरोप लगाते आए हैं।