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Rajasthan News: जनसंवाद में भावुक हुए पूर्व मंत्री हेमाराम, कांग्रेस के पूर्व विधायक खान बोले- राम को हम भी पूजते हैं.....

By: payal trivedi | Created At: 04 February 2024 11:26 AM


कांग्रेस के पूर्व विधायक अमीन खान ने कहा- पूरे देश में राम मंदिर की चर्चा है। सभी राम का नाम लेते हैं। राम को हम भी मानते हैं, राम मतलब भगवान और खुदा।

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Jaipur: कांग्रेस के पूर्व विधायक अमीन खान (Rajasthan News) ने कहा- पूरे देश में राम मंदिर की चर्चा है। सभी राम का नाम लेते हैं। राम को हम भी मानते हैं, राम मतलब भगवान और खुदा। अल्पसंखयकों की पीड़ा अल्पसंख्यक ही जानते हैं। हमें ISI एजेंट बताया जाता है। इससे आदमी घबरा जाता है और सिर नीचे कर लेता है। खान शनिवार को बाड़मेर में कांग्रेस कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी मौजूद थे।

खान ने विधानसभा चुनाव हारने का बताया ये कारण

खान ने प्रदेश प्रभारी को विधानसभा चुनाव के हार के कारणों पर कहा- प्रत्याशी के सामने ही जिलाध्यक्ष खड़ा हो जाता है। शिकायत करो तो कोई सुनता नहीं है। कांग्रेस को सिर्फ जाट, मेघवाल और मुसलमान ही जीता सकते हैं। शिव सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रहे अमीन खान ने कहा- डोटासरा साहब आपसे शिकायत है। 2023 विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी ने नहीं, व्यक्तियों ने लड़ा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। प्रदेश की टीम से उनको मनाने के लिए कोई नहीं आया। हमने खुद ही 3 हजार लोगों को जिलाध्यक्ष (फतेह खान) को समझाने के लिए भेजा। जवाब आता था कि वे तो गुजरात और मुंबई दौरे पर गए हुए हैं। अमीन खान ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनको (तत्कालीन कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेह खान) बीजेपी ने 2 करोड़ रुपए देकर चुनाव लड़ाया तो निर्दलीय चुनाव लड़ना ही था। चुनाव से पहले जिलाध्यक्ष और उन पदाधिकारियों की शिकायत की, लेकिन तब हमने शिकायत भी की, हमारी सुनी नहीं गई।

कांग्रेस को 3 जातियां ही जीता सकती हैं

अमीन खान ने कहा- इस लोकसभा क्षेत्र की तीन जाति- जाट, मेघवाल और मुसलमान कांग्रेस को बचा सकती है। लोकसभा में दावेदारी कर रहे कर्नल सोनाराम की तरफ इशारा करते हुए कहा कि 90 प्रतिशत वोट जाटों को डलवाओ,आप जीत जाओगे। आज के हालात में यहां के जाटों के 60 प्रतिशत वोट कांग्रेस के खिलाफ हैं और यही हालात एससी-एसटी की है। अब बचे हम (मुसलमान)। सोच रहे किस तरफ जाएं… जाट और मेघवाल कह रहे हैं कि हमने कांग्रेस छोड़ दी, तुम भी छोड़ दो। आप मानेंगे नहीं, शिव विधानसभा क्षेत्र में जाटों और मेघवालों ने 98 प्रतिशत वोट मेरे खिलाफ डाले। बीते चुनाव (2018) में मुसलमान मेरे साथ थे तो इस वजह से मैं 24 हजार से जीत गया। इस बार बीजेपी ने मुसलमान को खड़ा कर दिया और मैं हार गया और आज भी वहीं पॉजिशन है।

हम पर ISI एजेंट होने के आरोप लगते हैं

अमीन खान ने कांग्रेस राजस्थान प्रभारी से कहा- आप अल्पसंख्यक हैं और मैं भी अल्पसंख्यक हूं। दुखी की पीड़ा दुखी ही जानता है। हम पर बार-बार आरोप लगते हैं कि आप ISI के एजेंट हो। इससे हर आदमी घबरा जाता है और नीचे देख लेता है।

जनसंवाद में भावुक हुए हेमाराम

संवाद में पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी (Rajasthan News) ने कहा- पद जिम्मेदारी का होता है, यह कांटों का ताज है। बोलते-बोलते हेमाराम चौधरी की आंखें नम हो गईं। पद की जिम्मेदारी बहुत तकलीफ दायक होती है। मैं जानता हूं जिम्मेदारी निभाने में कितनी कठिनाइयां आती हैं। मैंने विधानसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया। पद कोई खोना चाहता है क्या? लेकिन मैं जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहा था। इस वजह से इस्तीफा दिया। हेमाराम चौधरी ने कहा कि तब डोटासरा जी ने बहुत बार कहा तब जाकर इस्तीफा वापस लिया।

राम मंदिर को लेकर कही ये बात

उन्होंने राम मंदिर की बात करते हुए कहा- राम को क्यों याद करते हैं। राम राजा दशरथ के बेटे ही थे। उनको आज भगवान मानते हैं और भी अलग-अलग धर्मों के लोग उन्हें आदर्श मानते हैं। क्यों मानते हैं उनको, उनमें त्याग की भावना थी। राम में त्याग की भावना थी। 14 साल का वनवास दे दिया और चुपचाप चले गए। अयोध्या की सारी जनता चाहती थी, राम वहां से जाए नहीं। जनता का यही निर्णय था। लेकिन राम ने जनता के निर्णय को ठुकराया और नीति को अपनाया। तब जाकर राम पूजे जाते हैं।

पार्टी के लिए त्याग जरूरी: डोटासरा

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Rajasthan News) ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमीन खान को दोनों बातें देखनी पड़ेगी। उनका दर्द सही है कि अगर जिलाध्यक्ष ही पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ ले तो फिर मतलब क्या है। लेकिन जो पूर्व मंत्री हेमाराम चोधरी ने त्याग वाली बात कही है, त्याग वाली बात भी उनको ध्यान में रखनी पड़ेगी। यह दोनों पहिए साथ में चलते हैं। त्याग जरूरी है, चाहे परिवार हो या प्रदेश या पार्टी हो। त्याग भी जरूरी है और पार्टी के प्रति समर्पण भी जरूरी है। डोटासरा ने कहा कि अपनी-अपनी सब ने मन की बातें की हैं। सब अपनी जगह-जगह ठीक है, लेकिन पार्टी के लिए समर्पित भी होना जरूरी है। हम राजस्थान में लोकसभा चुनाव जीत रहे हैं।