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पांच बैठक में ही खत्म हो गया मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र, कांग्रेस ने मचाया शोर-शराबा

By: Richa Gupta | Created At: 06 July 2024 06:38 AM


एक जुलाई से शुरू हुआ मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र पांच जुलाई को समाप्त हो गया। 19 जुलाई तक चलने वाले सत्र में 14 बैठकें होनी थीं, पर पांच बैठकें ही हो पाईं।

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एक जुलाई से शुरू हुआ मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र पांच जुलाई को समाप्त हो गया। 19 जुलाई तक चलने वाले सत्र में 14 बैठकें होनी थीं, पर पांच बैठकें ही हो पाईं। इस बीच 9 विधेयक सर्वसम्मति से पारित किए गए।दो दिन की चर्चा के बाद तीन लाख 65 हजार 67 करोड़ रुपये का वर्ष 2024-25 का प्रदेश का बजट भी पारित किया गया। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इस बजट का उपयोग किया किया जा सकेगा। निर्धारित अवधि से पहले अनिश्चितकाल के लिए सत्र स्थगित करने पर विपक्ष ने नाराजगी जाहिर की।

पांच दिन तक चली कार्यवाही

विपक्ष के सदस्य राष्ट्रगान के पहले ही सदन से बाहर चले गए। मानसून सत्र की समीक्षा की जाए तो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी पराजय की झलक मध्य प्रदेश विधानसभा की पांच दिन तक चली कार्यवाही में दिखाई दी। कांग्रेस जिस नर्सिंग घोटाले पर सरकार को घेरना चाहती थी, उस पर चर्चा का पर्याप्त समय मिला लेकिन फिर भी विपक्ष ने बजट भाषण के दौरान पूरे समय हंगामा किया। ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस नेता चुनावी पराजय के बाद विधानसभा में हंगामा कर केंद्रीय नेतृत्व के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड सुधारने का प्रयास कर रहे हों।

विपक्ष के सदस्यों को बोलने का दिया अवसर

विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के सदस्यों को बोलने के लिए पर्याप्त अवसर दिया। विधानसभा, राज्य सभा और लोकसभा का उनका अनुभव विपक्ष को साधने और शांति से सदन को चलाने में काम आया। बजट पर कांग्रेस के हंगामें के बावजूद स्पीकर ने विपक्ष के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव को पारित करने से परहेज किया। जाहिर है वह विधानसभा में जिस पालक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उसके अनुरूप उन्होंने अपना व्यवहार भी रखा।