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Rajasthan Assembly Session: विधानसभा में कांग्रेस का हंगामा, वेल में आकर नारेबाजी, जूली बोले-पर्ची से चल रही है सरकार

By: payal trivedi | Created At: 29 January 2024 04:07 PM


विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल में कांग्रेस ने फिर हंगामा किया। कांग्रेस विधाय रामनिवास गावड़िया के प्रश्न पर सही जवाब नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया।

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Jaipur: विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल में कांग्रेस ने फिर हंगामा किया। कांग्रेस विधाय रामनिवास गावड़िया के प्रश्न पर सही जवाब नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया। वेल में आकर नारेबाजी भी की। इसके बाद प्रश्न काल समाप्त हुआ और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरिशंकर भाभड़ा के निधन पर शोकाभिव्यक्ति के बाद सदन की कार्यवाही को आधा घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।

शांतिपूर्वक प्रश्नकाल के साथ हुई सदन की कार्यवाही

सदन की कार्यवाही शांतिपूर्वक प्रश्नकाल के साथ हुई। इसके बाद कई मंत्री प्रश्नों के उत्तर देने में अटके तो अधिकारियों ने पर्ची के माध्यम उत्तर भिजवाया। इस पर कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल द्वारा मंत्रियों को पर्ची के माध्यम से उत्तर पहुंचाने पर आपत्ति जताई। स्पीकर ने उन्हें बैठाया। इसके बाद रामनिवास गावड़िया के किसानों की वीसीआर भरने के मामले में अधिकारियों द्वारा सही उत्तर नहीं देने पर आपत्ति जताई। मंत्री की ओर से जवाब देते समय हंगामा हुआ तो स्पीकर ने मंत्री को बैठा दिया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि वीसीआर भरी जा रही है। किसान परेशान हैं, मंत्री को जवाब देना चाहिए। उन्होंन बिजली पर चर्चा कराने की भी मांग की। इस दौरान कांग्रेस के विधायक वेल में आ गए और हंगामा खड़ा कर दिया। विधायकों ने नारेबाजी भी की। हंगामे के बीच ही अगले प्रश्न चलते रहे और प्रश्नकाल का समय समाप्त हो गया। इसके बाद पूर्व उप मुख्यमंत्री हरिशंकर भाभड़ा की शोकाभिव्यक्ति हुई। विधायक कालीचरण सराफ व अन्य विधायकों की मांग पर सदन की कार्यवाही को आधा घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।

नहीं चलेगा मिलाजुली का खेल

प्रश्नकाल में पांचवां प्रश्न उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के विभाग से जुड़ा था। दिया कुमारी दो दिन की छुट्टी पर होने की वजह से सदन पर नहीं थी। उधर, विधायक गोविंद प्रसाद भी सदन में नहीं थे। जिसकी वजह से अगला प्रश्न लिया गया। कुछ देर बार कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि मिलीजुली का खेल नहीं चलेगा। भाजपा के एमएलए का सवाल था और सार्वजनिक निर्माण मंत्री नहीं आई तो एमएलए को भी बाहर भेज दिया गया। इसे लेकर हंगामा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मैं आपको जवाब दूंगा।

देवनानी बोले, वार्डन पद से शिक्षकों को हटाना चाहिए

प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र में संचालित छात्रावासों में वार्डन के स्वीकृत पदों लेकर भारतीय आदिवासी पार्टी की विधायक राजकुमार रोत ने प्रश्न पूछा। रोत ने कहा कि टीएडी में एजुकेशन महकमे से कर्मचारी आते हैं। 121 ऐसे वार्डन है, जिनको 5 साल से ज्यादा समय हो गया। क्या उन्हें हटाया जाएगा या नहीं ? साथ ही 470 पदों पर भर्ती कब तक होगी ? इस मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि शिक्षा विभाग से एनओसी नहीं मिलने की वजह से इन्हें नहीं हटाया जा सका है। कोशिश करेंगे कि उन्हें मूल विभाग में भेजा जाए। साथ ही कैडर के लिए विभागीय कार्यवाही चल रही है। इस पर रोत ने दोबारा इन वार्डन को हटाने की बात कही तो विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि 5 साल के बाद भी वो लोग जान बूझकर टिके रहते हैं। विभाग तुरंत कार्यवाही करें, इस पर मंत्री खराड़ी ने उचित कार्यवाही की बात कही।

भ्रष्टाचार की जांच होगी, दोषियों को नहीं छोड़ेंगे

कांग्रेस विधायक जुबेर खान ने कृषि कनेक्शनों के समय दी जाने वाली सामग्री को लेकर सवाल पूछा तो मंत्री हीरालाल नागर ने प्रक्रिया को समझाया। इस पर जुबेर सहित कई अन्य विधायकों ने आरोप लगाया कि किसान को ही सारा खर्च उठाना पड़ रहा है। मंत्री हीरालाल नागर बोले पिछली सरकार के दौरान लगाए गए ठेकेदारों की जांच होगी। अगर भ्रष्टाचार हुआ है, तो उस पर सख्त कार्रवाई भी होगी। इस पर सदन में बहस शुरू हो गई। पूर्व ऊर्जा मंत्री पुष्पेंद्र सिंह राणावत ने भी कहा कि पिछली सरकार के समय 30 परसेंट से ज्यादा प्रीमियम पर काम हुआ। अगर पूर्ववर्ती सरकार चाहती तो ज्यादा पैसा खर्च होने से रोक सकती थी।