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Rajasthan Weather Update: प्रदेश में एक बार फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, आज इन 6 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

By: payal trivedi | Created At: 03 April 2024 02:33 PM


मार्च माह के अंतिम सप्ताह में तीखे तेवर दिखाने वाली गर्मी पर कुछ हद तक अंकुश लगा है। हवा में नमी बढ़ने के कारण लगातार तीसरे दिन भी तापमान में गिरावट आई।

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Jaipur: मार्च माह के अंतिम सप्ताह में तीखे तेवर दिखाने (Rajasthan Weather Update) वाली गर्मी पर कुछ हद तक अंकुश लगा है। हवा में नमी बढ़ने के कारण लगातार तीसरे दिन भी तापमान में गिरावट आई। वहीं, राजस्थान में आज फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, अलवर व आसपास मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इसका अलर्ट जारी किया है। शेष अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

इतना रहा तापमान

मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार वर्तमान में अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से नीचे है, जो कि सामान्य के करीब है। आगामी 2-3 दिन तापमान सामान्य के आसपास बने रहने की संभावना है। प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में दिन का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

नमी बढ़ने के कारण न्यूनतम तापमान में आई गिरावट

हवा में नमी बढ़ने के कारण सीकर में लगातार तीसरे दिन भी न्यूनतम तापमान में गिरावट आई। मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार चौबीस घंटे बाद मौसम शुष्क होने लगेगा। जिससे तापमान में बढ़ोतरी के आसार है। सीकर में मंगलवार सुबह से मौसम शुष्क रहा। दोपहर में धूप के कारण अधिकतम तापमान में बढ़ा। शाम को कुछ गर्मी रही।

तापमान में उछाल से गर्मी के तेवर तीखे

इधर, पर्यटन स्थल माउंट आबू में तापमान में आए उछाल (Rajasthan Weather Update) से गर्मी के तेवर तीखे रहे। मंगलवार को न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ने से तापमापी का पारा 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने से तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सवेरे खुशनुमा मौसम का आनंद लेते हुए सैलानियों ने सड़कों, बाजारों में चहलकदमी कर प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने का आनंद लिया। वहीं दोपहर के समय धूप के तेवर तीखे होने से राहगीरों को छांव का सहारा लेना पड़ा।