रूस ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को मान्यता दी है। रूस तालिबान को मान्यता देने वाला पहला देश बन गया है। साथ ही, रूस ने तालिबान को अपनी प्रतिबंधित संगठनों की सूची से हटा दिया है।
यह साहसी कदम है
रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि उसने अफगानिस्तान के नए राजदूत हसन से प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। मंत्रालय ने कहा कि अफगान सरकार की आधिकारिक मान्यता द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देगी। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने कहा कि यह साहसी कदम है। साथ ही, अन्य देशों के लिए अच्छा उदाहरण है।
सर्गेई लावरोह ने दी पुतिन को सलाह
रूस के अफगानिस्तान में राजदूत दिमित्री झिरनोव ने राज्य चैनल वन टेलीविजन पर कहा कि तालिबान सरकार को आधिकारिक मान्यता देने में विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की अहम भूमिका रही है। लावरोव की सलाह पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अफगानिस्तान की सरकार को मान्यता दी है। रूसी अधिकारियों ने हाल ही में अफगानिस्तान को स्थिर करने में मदद के लिए तालिबान के साथ जुड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया है और अप्रैल में तालिबान पर प्रतिबंध हटा दिया।
अगस्त 2021 में तालिबान ने दोबारा हथियाई सत्ता
तालिबान ने अगस्त 2021 में अमेरिकी और नाटो बलों की वापसी के बाद अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। तब से तालिबानी सरकार अंतरराष्ट्रीय मान्यता पाने की कोशिश कर रही है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ रवैये के कारण उन्हें वैश्विक मंच पर जगह नहीं मिल रहा। हालांकि, तालिबान ने कई देशों के साथ उच्च स्तरीय बातचीत की है। चीन और संयुक्त अरब अमीरात ने तालिबान सरकार के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं।