कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मतभेद लगातार बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच शनिवार (29 नवंबर) को बेंगलुरु स्थित सीएम आवास पर दोनों नेताओं की मुलाकात होने वाली है। यह बैठक सुबह 9:30 बजे निर्धारित की गई है। पार्टी हाईकमान चाहता है कि दोनों नेता इस मुद्दे पर आपस में बातचीत कर समाधान निकालें। अब देखना यह है कि क्या यह बैठक किसी सहमति तक पहुँचती है या फिर विवाद और गहराता है।
सिद्धारमैया की विवाद कम करने की कोशिश?
जहां एक ओर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के समर्थक कांग्रेस हाईकमान पर किए गए वादे को पूरा करने का जोरदार दबाव बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विवाद को शांत करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि हाईकमान जो भी निर्णय करेगा, वह उसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने शनिवार की बैठक को “सिर्फ एक ब्रेकफास्ट मीटिंग” बताया और दोहराया कि वे हमेशा पार्टी नेतृत्व के फैसले का सम्मान करेंगे।
विवाद की जड़ क्या है?
2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की थी। लेकिन उस समय सीएम पद को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। बताया जाता है कि इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए कांग्रेस ने एक अनौपचारिक समझौता किया था—पहले 2.5 साल सिद्धारमैया मुख्यमंत्री रहेंगे और अगले 2.5 साल यह जिम्मेदारी डीके शिवकुमार को मिलेगी। अब डीके शिवकुमार और उनके समर्थक इसी कथित फॉर्मूले पर अमल करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात है कि कांग्रेस ने इस समझौते की कभी औपचारिक घोषणा नहीं की थी।