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रिलायंस की हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर्स बनाने वाली कंपनियों के साथ करार, जाने क्या हैं समझौता?

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भारत की सबसे महत्वपुर्ण मल्टीनेशनल कंपनी रिलायंस इन्ड़सट्रिज लिमीटेड लागातार नये क्षेत्रो निवेश कर रही है। टेलीकाम, तेल, ई-कॉर्मस के बाद रिलायंस अब अपनी ही पुर्ण स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड के साथ दो नये कंपनियो से व्यवसायिक करार किया है। ये करार दो विदेशी हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर्स बनाने वाली कंपनियों के साथ हुए हैं । RIL और भारत के नजरिए से ये समझौता काफी महत्वपुर्ण है क्योंकि हाईड्रोजन को अब भविष्य का ईधन कहा जा रहा है ।

रिलायंस के अनुसार

रिलायंस के अनुसार RIL जर्मनी की नेक्सवेफ में 2.5 करोड़ यूरो का निवेश करेगी। साथ ही कंपनी ने डेनमार्क की स्टीसडल के साथ रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है। RILके अनुसार नेक्सवेफ में निवेश इंडियन बाजार के रणनीतीक विकास के लिए किया गया है। अपने बयान में आरएनईएसएल ने कहा कि वह नेक्सवेफ के 86,887 सीरीज-सी प्रीफेर्ड शेयर 287.73 यूरो प्रति शेयर के हिसाब से खरीदेगी। इसके अलावा आरएनईएसएल को 1 यूरो के हिसाब से 36,201 वारंट भी जारी किए जाएंगे।

नेक्सवेफ मोनोक्रिस्टलाइन सिलिकॉन वेफर्स बनाती है जो सेमिकंडक्टर डिवाइस बनाने मे प्रयोग किया जाता हैं। सेमीकंडक्टर हर तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होती हैं। रिलायंस ने भारतीय बाजार संस्थाओ को ये बताया की सिलिकॉन वेफर्स जो रॉ मैटेरियल बनाता है वो भविष्य मे सेमिकंडक्टर डिवाइस बनाने मे सबसे ज्यादा प्रयोग होगा ।

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