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Health & wellness

आज है World Heart Day जानिए इस दिन के इतिहास और महत्व के बारे में

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  • WTO ने रखा था विश्व हदय दिवस को मनाने का प्रस्ताव
  • साल 2000 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दी मंजूरी
  • साल 2014 में इसे 29 सितंबर को मनाया

 

29 सितंबर दुनियाभर में विश्व हदय दिवस के रुप में मनाया जाता है। हृदय मनुष्य के शरीर के सबसे अहम अंगों में से एक है। हृदय अगर काम करना बंद कर दे तो व्यक्ति की मौत हो जाती है। आजकल की खराब दिनचर्या और लगातार नई तरह की बीमारियों से हमारे सेहत पर खराब असर पड़ रहा है। जिससे कारण हमारे हदय को भी काफी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में अपने हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विश्व हृदय दिवस को मनाया जाता है।

अक्सर ये देखा गया है कि हमारे खान-पान की वजह से हृदय को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है। डॉक्टर की माने तो प्रत्येक व्यक्ति को रोज सुबह 30 मिनट की एक्सरसाइज अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए करनी चाहिए। वहीं तेल और फैट युक्त पदार्थों का सेवन भी नही करना चाहिए। आज के समय में बढ़ रहे धूम्रपान के मामले दिल से संबंधित बिमारियों को जन्म दे रहे हैं।

विश्व हदय दिवस का इतिहास

विश्व में तेजी से बढ़ते हदय मरीजों के मामलों को देखते हुए WTO ने विश्व हदय दिवस को मनाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव के बाद साल 2000 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस दिवस के मनाए जाने की घोषणा की थी। जिसके बाद इसे हर साल सितंबर के आखिरी रविवार को मनाए जाने लगा। फिर इसके बाद साल 2014 से इस दिवस को 29 सितंबर को मनाया जाने लगा।

विश्व हृदय दिवस का महत्व

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आज के समय में हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा हदय से संबंधित बिमारियों के कारण कई लोगों की समय से पहले ही मृत्यु तक हो रही है। हृदय रोगियों पर हुई कुछ रिसर्च में पता चला है कि कम उम्र के लोगों में भी हृदय संबंधी विकार सामने आए हैं। ऐसे में विश्व हृदय दिवस के माध्यम से लोगों को हृदय को स्वस्थ रखने और हृदय रोग के खतरे को कम करने के लिए जागरुक किया जाता है।

 

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