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Spiritual

कल है नवरात्रि का पहला दिन, जानें मां की पूजा सामग्री, शुभ मुहूर्त, मंत्र और भोग

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  • कल से शुरु होने वाली है नवरात्रि
  • हिन्दू धर्म में नवरात्रि का है विशेष महत्व
  • माता के ये नौ दिन बेहद पवित्र

 

कल से नवरात्रि शरु होने वाली है। नवरात्रि के पहला दिन मां शैलपुत्री का दिन होता है और इस दिन मां शौलपुत्री की पूजा उपासना की जाती है। इस दिन कलश की स्थापना भी की जाती है। इसके साथ ही कई लोग अखंड ज्योति भी इस दिन जलाते है। हिन्दू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। वैसे तो साल भर में चार नवरात्रि आती हैं। लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि को बहुत धूम- धाम से मनाया जाता है। इस नवरात्रि में कई लोग अपने घरो में गली और मोहौल्ले में मां की मूर्ती की स्थापना करते हैं। साथ ही पूरी आस्था और विश्वास के साथ उनकी उपासना करते हैं। इस नवरात्रि को इसलिए भी धूम धाम से मनाया जाता है क्योंकि इसके दशवे दिन विजय दशमी मनाई जाती है और उसे के साथ नवरात्रि का ये पर्व संपन्न होता है।
इस साल चैत्र या शारदीय नवरात्रि 7 अक्टूबर यानि कल से शुरु होने वाली हैं और ये 15 अक्टूबर को विजय दशमी के साथ संपन्न होंगी। नवरात्रि में ऐसा माना जाता है कि भक्ति भाव से जो मां की आराधना करता है, मां दुर्गा उनके घरों में 9 दिनों तक वास करती हैं और अपनी कृपा उन पर बरसाती हैं। माता रानी के ये 9 दिन बहुत ही पवित्र होते हैं। इसलिए इन नौ दिनों तक शराब या मास का सेवन से दूरी बनानी चाहिए। मां के कई भक्त नवरात्र के नौ दिनों तक लहसुन और प्याज तक का सेवन नहीं करते हैं। माता की आराधना करने के लिए कई भक्त नौ दिनों तक पूरे भक्ति भाव से व्रत का पालन करते हैं। नवरात्रि के पहले दिन से लेकर आखिर दिन तक मां को उनका पसंदीदा भोग लगाया जाता है।

बादाम हलवा का चढ़ाए मां को भोग

कल मां शैलापुत्री की उपासना करने का दिन है। मां शैलापुत्री को गाय के घी से बनी हुई चीजों का ही भोग लगाया जाता है। आप मां के लिए घी वाला बादाम का हलवा भोग के रुप में बना सकते हैं। बादाम का हलवा बनाने के लिए पहले आप बादाम को छील लें। इसके बाद उसका पेस्ट बनाकर घी में अच्छे से भून लें। ये बादाम का हलवा बनाने में आसान है और खाने में स्वादिष्ट है।

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पूजा सामग्री:

माता को लाल रंग काफी पसंद है इसीलिए माता की पूजा में लाल रंग की चुनरी अवश्य रखें। माता के लिए लाल चुनरी, मिट्टी का पात्र, जौ, कुमकुम, साफ की हुई मिट्टी, जल से भरा हुआ सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश, लाल सूत्र, मौली, इलाइची, लौंग, कपूर, साबुत सुपारी, साबुत चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, नारियल पानी वाला, फूल की माला और नवरात्रि का कलश मंगा के रख लें। पूजा के लिए लाल रंग के आशन का उपयोग करें तो ज्यादा अच्छा है। आसन अगर नहीं है तो आप लाल रंग के कपड़े का भी उपयोग कर सकते हैं।

 

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