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Health & wellness

जीभ बताएगी कि आप में Vitamin D की कमी है या नहीं

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आपके शरीर में Vitamin D की कमी है  या नहीं ? ये आपकी जीभ से आप पता लगा सकते हैं। शरीर को स्वस्थ रहने के लिए कई आवश्यक पोषक तत्वों (Nutrients) की जरुरत होती है। विटामिन डी (Vitamin D) इनमें से एक है। यह फैट में घुलने (fat-soluble) वाला ऐसा पोषक तत्व है, जो सूर्य प्रकाश के संपर्क में आने पर शरीर में बनता है। सूर्य (Sun) की किरणें ही विटामिन डी का प्राथमिक स्त्रोत माना जाता है, क्योंकि खाने में यह सीमित मात्रा में ही मौजूद होता है।

  • Vitamin D की कमी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के लिए भी हानिकारक होती है।
  • विटामिन डी की कमीका पता आप ब्लड टेस्ट से लग सकता है।
  • पीठ में दर्द या हड्डियों में दर्द रहता है तो बॉडी में विटमिन डी की कमी हो रही है।

Vitamin D deficiency and consequences

 हेल्दी डाइट और भरपूर नींद के बाद थकान रहती हैं तो समझ जाइए आपकी बॉडी में विटामिन डी की कमी है। विटामिन डी की कमी का पता आप ब्लड टेस्ट कराके भी लगा सकते हैं। अगर आपको अक्सर पीठ में दर्द रहता है या फिर हड्डियों में दर्द रहता है तो समझ जाइए बॉडी में विटमिन डी की कमी हो रही है।

Vitamin D deficiency : शरीर को स्वस्थ रहने के लिए कई आवश्यक पोषक तत्वों की जरुरत होती है, विटामिन डी (Vitamin D) इनमें से एक है। यह फैट में घुलने (Fat-Soluble) वाला ऐसा पोषक तत्व है, जो सूर्य प्रकाश के संपर्क में आने पर शरीर में बनता है। सूर्य  की किरणें ही विटामिन डी का प्राइमरी सोर्स माना जाता है, क्योंकि यह भोजन में सीमित मात्रा में ही मौजूद होता है। इसीलिए सूर्य की किरणें शरीर पर लगनी बहुत जरुरी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हमारी हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में विटामिन डी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन डी (Vitamin D) की कमी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के लिए भी हानिकारक होती है। फिर भी, दुनिया भर में एक बड़ी संख्या में लोगों में विटामिन डी की कमी है। अमूमन विटामिन डी की कमी का निदान (Diagnosed) ब्लड टेस्ट (Blood Test) के माध्यम से किया जाता है, अब शोधकर्ताओं ने संख्याओं को ट्रैक करने का एक और आसान तरीका निकाल लिया है। इससे आप अपनी जीभ (Tongue) से ही विटामिन डी की कमी की जांच कर सकते हैं।

एक स्टडी में सामने आया कि जिन लोगों में बर्निंग माउथ सिंड्रोम (BMS) के लक्षण हैं, उन्हें फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज, विटामिन डी (डी2 और डी3), विटामिन बी1 ,विटामिन बी6, जिंक और टीएसएच (TSH) की जांच करानी चाहिए। शोधकर्ताओं का कहना है कि बर्निंग पेन और हॉट संसेशन आमतौर पर होंठ (Lips) या जीभ (Tongue) पर महसूस होती है। या मुंह (Mouth) में अधिक व्यापक होती है। इसके साथ ही, व्यक्ति को मुंह में सुन्नता (Numbness) , सूखापन (Dryness) और अप्रिय स्वाद (Unpleasant Taste) का अनुभव हो सकता है। कुछ खाते समय दर्द बढ़ सकता है। शोधकर्ता का सुझाव है कि स्थिति की गंभीरता एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग हो सकती है।

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