Connect with us

Lifestyle

कब मनाया जाता है डॉटर्स डे और क्या है इसका महत्व

Published

on

Daughter’s Day 2021: जानें, कब मनाया जाता है डॉटर्स डे और क्या है इसका महत्व

 समाज में लड़के और लड़कियों के बीच बने फर्क को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने पहली बार 11 अक्टूबर 2012 को एक दिन बेटियों को समर्पित किया। संयुक्त राष्ट्र की इस पहल का स्वागत दुनिया भर के देशों ने किया।

  • अंतर्राष्ट्रीय डॉटर्स डे हर साल सितंबर के चौथे रविवार को मनाया जाता है
  • समाज में लड़के-लड़कियों के बीच के फर्क खत्म करने की पहल संयुक्त राष्ट्र ने की
  • संयुक्त राष्ट्र ने पहली बार 11 अक्टूबर 2012 को एक दिन बेटियों को समर्पित किया।

Here is how Goans celebrated Daughter's Day | Events Movie News - Times of  India

बेटियां कुदरत का दिया सबसे खूबसूरत तोहफा है, फूल की तरह नाजुक बेटियां  हमारे घर-आंगन को खुशियों से भर देती हैं। बेटियों की किलकारियों से घर रोशन हो जाता है। बेटुयां जब पैदा होती हैं तो मां-बाप का घर रोशन कर देती हैं और जब दूसरे घर जाती हैं तो ससुराल का आंगन खुशियों के फूल बिखेर देती हैं। बेटी की अहमियत उसके मां-बाप से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता। उनके मासूम बचपन को देखकर मां-बाप अपनी सारी परेशानियां भूल जाते हैं। बेटी का मासून और चंचल मन जिसपर हर कोई फिदा रहता है। बचपन से लेकर बड़े होने तक बेटी अपने मां-बाप की आंखों का तारा रहती है, बेटी के प्यार, समर्पण और त्याग को देखते हुए दुनिया में हर साल डॉटर्स डे मनाया जाता है, यह दिन पूरी तरह बेटियों को ही समर्पित है। अंतर्राष्ट्रीय डॉटर्स डे हर साल सितंबर के चौथे रविवार को मनाया जाता है इस बार रविवार 26 सितंबर को मनाया जाएगा। हालांकि कुछ देश इसे अलग-अलग दिनों में भी मनाते हैं।

डॉटर्स डे का इतिहास

समाज में लड़के और लड़कियों के बीच के फर्क को खत्म करने की पहल संयुक्त राष्ट्र ने की। लड़कियों के महत्व को समझते हुए और उन्हें सम्मान देने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने पहली बार 11 अक्टूबर 2012 को एक दिन बेटियों को समर्पित किया। संयुक्त राष्ट्र की इस पहल का स्वागत दुनिया भर के देशों ने किया। इसके बाद से ही हर देश में बेटियों के लिए एक दिन समर्पित किया गया है। डॉटर्स डे हर देश में अलग-अलग दिन मनाया जाता है।

Advertisement

डॉटर्स डे क्यों मनाया जाता है

बेटियों को समर्पित यह दिन उनकी तारीफ करने और उनको यह बताने के लिए मनाया जाता है कि वे कितनी खास हैं। साथ ही यह दिन बेटियों के लिए जागरूकता बढ़ाने और समानता को प्रोत्साहित करने के लिए भी खास है। इस दिन को मनाने का मतलब लोगों को जागरूक करना है कि लड़कियों को भी लड़कों की तरह समान अधिकार और अवसर देने की पहल है।

डॉटर्स डे मनाना क्यों है जरूरी?

पुत्रप्रधान समाज में आज भी बेटियों की जगह बेटों को ही खास मुकाम हासिल है। हालांकि बड़े शहरों में अब  यह फर्क कम हो गया है, लेकिन अभी भी कई देशों में इस तरह के मामलों में कमी नहीं आई है। कुछ लोग अपना परिवार बढ़ाने के लिए सिर्फ बेटों की ही चाहत रखते हैं जो शिशु हत्या का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। लोगों की मानसिकता बेटों की लालसा में इस हद तक सर पर चढ़ी हुई है कि घर में बेटी होने पर मां को प्रताड़ित करते हैं।

 

Advertisement

 

 

Share Post:
Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Address : IND24, Plot No. 35, Indira Press Complex,
MP Nagar, Zone – 1, Bhopal (MP) 462023

Copyright © 2021 Ind 24 News Channel. Website Design & Developed By Shreeji Infotek