


देश में लाल आतंक का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। एंटी नक्सल ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को मिल रही सफलता से कई इलाके नक्सल मुक्त होने की कगार में है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। गृह मंत्रालय ने नक्सल प्रभावित जिलों की ताजा समीक्षा रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, अब नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 रह गई है।
देश ने नई उपलब्धि हासिल की है
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सल मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देश ने नई उपलब्धि हासिल की है। शाह ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है, जिससे वामपंथी उग्रवाद से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटाकर मात्र 6 रह गई है।
नक्सली गतिविधियों में कमी आई
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में छत्तीसगढ़ के बीजापुर, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा, झारखंड का पश्चिमी सिंहभूम और महाराष्ट्र का गढ़चिरौली शामिल हैं। केंद्र सरकार का मानना है कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, नए सुरक्षा शिविरों की स्थापना और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से नक्सली गतिविधियों में कमी आई है। केंद्र सरकार उग्रवाद के खिलाफ कठोर दृष्टिकोण अपनाते हुए इसे जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।