मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे-बहू के साथ आज कुल 22 जोड़ों ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सात फेरे लिए। सभी विवाह स्थल पर घोड़े-बग्घियों पर सवार होकर निकले। सामूहिक सम्मेलन में 22 जोड़े के दूल्हा-दुल्हन दोनों और 44 परिवार के 25-25 लोगों को आमंत्रित किया गया है। कोई ज्यादा भी लाना चाहे तो उस पर कोई रोक नहीं लगाई गई। सभी वर एक साथ तोरण मंडप में बैठेंगे। मुख्यमंत्री के मित्र एवं परिवार के सदस्य रवि सोलंकी ने बताया सभी मेहमानों से उपहार नहीं लाने का आग्रह किया गया था। इस दौरान सीएम के बेटे ने कहा कि सामूहिक सम्मेलन में शादी कर रहे हैं, इसकी डबल खुशी है। इतना भव्य कार्यक्रम चल रहा है, काफी अच्छा लग रहा है। बाबा महाकाल से प्रार्थना की है कि आगे का जीवन सुखी रहे।
सामूहिक सम्मेलन में जोड़ों को आशीर्वाद देने बाबा रामदेव पहुंचे। धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर धाम भी कार्यक्रम में पहुंचे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी पहुंचे। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज भी पहुंचे। प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, सांसद अनिल फिरोजिया भी मौजूद रहे।
सनातन परंपरा में हो रहा विवाह, सभी वर्ग हैं साथ-साथ
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा सनातन की परंपरा के अनुसार विवाह के कार्यक्रम हो रहे हैं। सामूहिक विवाह समारोह में सभी वर्ग समाज से नव दंपति उपस्थित हैं। अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के वर-वधू भी शामिल हैं। इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में अलग-अलग जाति और समाज के लोग मौजूद हैं। कोई वेटर है तो कोई ड्राइवर, लेकिन हमारे लिए यहां कोई भी छोटा-बड़ा नहीं है।