


वॉशिंगटन, कई महीनों की देरी के बाद आखिरकार अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस ने भारत को तेजस फाइटर जेट का इंजन सौंप दिया है। GE एयरोस्पेस ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए इसकी पुष्टि कर दी है। GE एयरोस्पेस ने कहा है कि "हम अपने मूल्यवान ग्राहक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट Mk 1A फाइट जेट के लिए 99 F404-IN20 इंजनों में से पहला इंजन डिलीवर करने के लिए उत्साहित थे। यह HAL के साथ हमारे 40 साल के संबंधों और देश की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाते हुए अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को विकसित करके भारत की सेना के लिए एक मजबूत भविष्य सुनिश्चित करने की हमारी कोशिशों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।"
भारत को मिल गया तेजस फाइटर जेट का इंजन
तेजस फाइटर जेट का इंजन मिलने में देरी होने की वजह से भारत को काफी परेशान होना पड़ा है। पिछले दिनों भारतीय वायुसेना के प्रमुख एपी सिंह ने HAL को लेकर अपनी नाराजगी भी जताई थी। माना जा रहा था कि जियो-पॉलिटिकल हालातों की वजह से GE एयरोस्पेस भारत को इंजन देने में लेट कर रहा था। हालांकि कंपनी ने बार बार कहा था कि सप्लाई चेन में आई दिक्कतों की वजह से इंजन सप्लाई में देरी हो रही है।
HAL ने 2021 में Tejas Mk1A LCA लड़ाकू विमानों के 99 इंजन का ऑर्डर दिया था। GE एयरोस्पेस ने कहा है कि "साल 2016 तक GE एयरोस्पेस ने तेजस LCA के लिए 65 F404-IN20 इंजन HAL को सौंपे थे। लेकिन उसके बाद और इंजन ऑर्डर नहीं मिलने की वजह से F404-IN20 इंजन के प्रोडक्शन लाइन को बंद कर दिया गया। लेकिन जब एचएएल ने 2021 में तेजस एमके1ए एलसीए के लिए फिर से 99 इंजनों का ऑर्डर दिया, तो हमारी टीम ने एफ404-आईएन20 उत्पादन लाइन को फिर से शुरू करने का मुश्किल काम शुरू किया।