


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी के बीच भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनका कहना था कि, कोई परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं होता, सिर्फ राष्ट्रीय हित होते हैं।
राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भरता पर जोर दिया
रक्षामंत्री ने इस दौरान आत्मनिर्भरता को भारत के लिए एक आवश्यकता बताते हुए कहा कि अब यह केवल एक विशेषाधिकार नहीं, बल्कि भारत के अस्तित्व और प्रगति के लिए अनिवार्य बन चुका है।
रक्षा क्षेत्र में बाहरी निर्भरता का समापन
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत को अब बाहरी रक्षा आपूर्ति पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 2014 में भारत का रक्षा निर्यात ₹700 करोड़ से भी कम था, जबकि अब यह ₹24,000 करोड़ तक पहुंच चुका है।
स्वदेशी उपकरणों के साथ सेना की क्षमता में वृद्धि
रक्षा मंत्री ने सेना की क्षमता पर भी बात की, खासकर स्वदेशी उपकरणों के इस्तेमाल के बारे में। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने स्वदेशी हथियारों और उपकरणों के साथ सटीक ऑपरेशन किए हैं, जिससे यह साबित होता है कि भारत अब रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है।