


भोपाल और इंदौर के बाद अब उज्जैन में भी मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर मेट्रो कॉरिडोर के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने हेतु परामर्श शुल्क की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन से लेकर इंदौर और औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर तक लगभग 84 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित है। यह परियोजना नगरीय विकास एवं आवास विभाग के तहत संचालित की जा रही है। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी बल्कि धार्मिक और औद्योगिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मेट्रो सेवा सिंहस्थ के बाद होगी शुरू
उज्जैन से पीथमपुर तक मेट्रो संचालन के लिए सर्वे का कार्य दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को सौंपा गया है। यह सर्वे आगामी सिंहस्थ तक पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, मेट्रो संचालन सिंहस्थ पर्व के आयोजन के बाद ही संभव हो पाएगा।
दो चरणों में बनेगी परियोजना
प्रथम चरण: श्री महाकालेश्वर, उज्जैन से लवकुश चौराहा, इंदौर तक।
द्वितीय चरण: लवकुश चौराहा, इंदौर से पीथमपुर तक।