डेढ़ दिन के गणपति का आज विसर्जन, जानें शुभ मुहूर्त और सही विसर्जन विधि
आज होगा डेढ़ दिन के गणपति बप्पा का विसर्जन। जानें शुभ मुहूर्त, पूजा-विसर्जन की संपूर्ण विधि और किन बातों का रखें विशेष ध्यान।


Richa Gupta
Created AT: 28 अगस्त 2025
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गणेश चतुर्थी की शुरूआत हो चुकी है. गणेश विसर्जन के लिए अनंत चतुर्दशी का दिन लोकप्रिय है। लेकिन लोग डेढ़ दिन में गणेश विसर्जन करते हैं। गणेश चतुर्थी पर पहला विसर्जन 28 अगस्त 2025, गुरुवार यानी आज किया जाएगा। गणेश चतुर्थी के बाद पहला विसर्जन डेढ़ दिन के गणपति का होता है। गणपति विसर्जन पूरी विधि-विधान के साथ किया जाना चाहिए, तभी उस पूजा का फल प्राप्त होता है। आइए जानते हैं, डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन की विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में।
विसर्जन मुहूर्त-
- प्रात- मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत): दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।
- अपराह्न मुहूर्त (शुभ)- शाम 5 बजकर 11 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
- सायाह्न मुहूर्त (अमृत, चर)- शाम 6 बजकर 47 मिनट से रात 9 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।
- रात्रि मुहूर्त (लाभ)- रात 12 बजकर 22 मिनट से रात 1 बजकर 46 बजे तक रहेगा।
गणपति विसर्जन की विधि-
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें।
- गणेश जी की मूर्ति के सामने दीप जलाएं।
- गणेश जी को पंचामृत से स्नान कराएं।
- मूर्ति को रोली, चंदन, अक्षत, और फूल अर्पित करें।
- मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
- गणेश जी को लड्डू की पोटली देना शुभ होता है, ताकि वे खाली हाथ न जाएं।
- परिवार के साथ गणेश आरती करें।
- पूजा के बाद, मूर्ति को साफ कपड़े में लपेटकर सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल पर जाएं।
- आप चाहें तो नदी, तालाब, या घर पर पानी का टब में भी विसर्जन कर सकते हैं
- ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” का जयघोष करते हुए मूर्ति को धीरे-धीरे जल में विसर्जित करें।
- घर में विसर्जन के बाद में उस मिट्टी को पौधों में डाल दें।
- विसर्जन कभी भी शाम यानी सूर्यास्त के बाद ना करें। सूर्यास्त के बाद गणेश विसर्जन को शुभ नहीं माना जाता है।
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