


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है। इसमें रूस से तेल खरीदने पर लगने वाला 25% जुर्माना भी शामिल है। जेफरीज के जाने-माने अर्थशास्त्री क्रिस वुड का कहना है कि इससे इंडियन इकॉनमी को लगभग 55-60 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। सबसे ज्यादा असर टेक्सटाइल, जूते, गहने और जेम्स एंड जूलरी जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा। ये ऐसे सेक्टर हैं जिनमें बहुत सारे लोगों को रोजगार मिलता है।
अमेरिकी नीति में स्पष्टता नहीं
भारतीय सरकार कृषि को आयात के लिए नहीं खोलेगी। इसकी वजह यह है कि इससे गरीबों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। लगभग 25 करोड़ किसान और उनसे जुड़े मजदूर खेती से अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। यह सेक्टर भारत की लगभग 40% आबादी को रोजगार देता है। ट्रंप ने अब तक भारत के सर्विस सेक्टर पर ध्यान नहीं दिया है। इस सेक्टर से भारत को सालाना 150 अरब डॉलर की कमाई होती है। इसमें आईटी सेवाओं का बड़ा योगदान है।